Patang Class 12 Question Answer : पतंग के प्रश्न उत्तर 

Patang Class 12 Question Answer ,

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Patang Class 12 Question Answer

पतंग कविता के प्रश्न उत्तर 

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प्रश्न 1.
“सबसे तेज़ बौछारें गयीं , भादो गया” के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है। उसका वर्णन अपने शब्दों में करें ।

उत्तर-

सावन और भादो का महीना बीतने के साथ ही तेज बारिश का मौसम भी बीत जाता हैं। चूंकि सावन- भादो के महीनों में आसमान पर अधिकतर बादल छाये रहते हैं। इसीलिए सूरज की किरणें धरती पर कम ही पड़ती हैं।

लेकिन जैसे ही शरद ऋतु आती हैं तो आकाश में सूरज की लालिमा खरगोश की आँखों की भांति लाल दिखाई पड़ती है। आसमान एकदम साफ , स्वच्छ व निर्मल हो जाता हैं। हल्की हल्की ठंड भी शुरू होने लगती हैं। जिससे बड़ों व बच्चों के दिल उत्साह व उमंग से भर जाते है।

बच्चे अपनी रंग-बिरंगी पतंगों को लेकर अपने-अपने घरों की छतों में पहुंच जाते हैं। इधर से उधर दौड़ते-भागते , चीखते-चिल्लाते , सीटियों बजाते हुए बच्चे अपने पतंगों को आसमान में दूर तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

प्रश्न 2.

सोचकर बताएँ कि पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़ , सबसे पतला कागज़ , सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग क्यों किया है ?

उत्तर-

पतंग बनाने के लिए सबसे पतला रंगीन कागज़ , बांस की लकड़ी से बनी सबसे पतली कमानी का प्रयोग किया जाता हैं ताकि वो आसमान में अधिक ऊंचाई तक आसानी से उड़ सके। इसीलिए पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़ , सबसे पतला कागज़ , सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग किया है। 

प्रश्न 3.

बिंब स्पष्ट करें ?

सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया

सवेरा हुआ।

खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा

शरद आया पुलों को पार करते हुए।

अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए

घंटी बजाते हुए ज़ोर-जोर से

चमकीले इशारों से बुलाते हुए और

आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए

कि पतंग ऊपर उठ सके-

उत्तर-

कविता में निम्न दृश्य बिंबों का प्रयोग हुआ हैं।

  1. तेज बौछारें – गतिशील दृश्य बिंब
  2. सवेरा हुआ – स्थिर दृश्य बिंब
  3. खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा – स्थिर दृश्य बिंब
  4. पुलों को पार करते हुए – गतिशील दृश्य बिंब
  5. अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए – गतिशील दृश्य बिंब
  6. घंटी बजाते हुए जोर – जोर से – श्रव्य बिंब
  7. चमकीले इशारों से बुलाते हुए – गतिशील दृश्य बिंब
  8. आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए – स्पर्श दृश्य बिंब
  9. पतंग ऊपर हठ सके – गतिशील दृश्य बिंब

प्रश्न 4.

“जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास” , कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का क्या संबंध बन सकता है?

उत्तर-

उपरोक्त पंक्ति में कवि पतंग उड़ाते बच्चों का दौड़ना-भागना और खुशी से उछलना देखकर उनकी तुलना कपास के साथ करते हुए कहते है कि जिस तरह कपास मुलायम , शुद्ध और सफेद होती हैं। ठीक उसी प्रकार बच्चों का मन व भावनाएं भी स्वच्छ , कोमल और पवित्र होती हैं। अर्थात बच्चे जन्म से ही अपने साथ निर्मलता , कोमलता लेकर आते हैं। उनके मन में किसी के लिए भी राग-द्वेष की भावना नही होती हैं।

प्रश्न 5.

“पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं “, बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है ?

उत्तर-

बच्चों और पतंगों का बहुत ही गहरा नाता होता है। बच्चे पतंग उड़ाने में इतना मस्त रहते हैं कि उन्हें अपने आसपास की दुनिया का ध्यान ही नहीं रहता है। वो आसमान में उड़ती अपनी पतंग को देखकर एक अजीब सी खुशी का अनुभव करते हैं। उस वक्त उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे पतंग के साथ-साथ वो भी अपनी कल्पनाओं , भावनाओं व खुशी के सहारे उड़ रहे हों ।

प्रश्न 6.

निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़ कर प्रश्नों का उत्तर दीजिए।

(अ)     छतों को भी नरम बनाते हुए

           दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए ।

प्रश्न 1.

दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?

उत्तर –

बच्चे जब बेसुध होकर पतंग के पीछे भागते हैं तो उनकी आँखें आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ती उस पतंग पर ही टिकी रहती हैं। और जिस दिशा में पतंग उड़ती हैं । बच्चे भी उसी दिशा की ओर दौड़ने भागने लगते हैं।

उस समय उनके तेज दौड़ने भागने से उनके पदचापों से होने वाली आवाज ऐसी प्रतीत होती है जैसे सभी दिशाओं में मृदंग (ढोलक के जैसा दिखने वाला वाद्य यंत्र) बज रहे हो।

प्रश्न 2. जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है ?

उत्तर –

आसमान में उड़ती पतंग के साथ-साथ इधर-उधर दौड़ते भागते हुए जमीन की कठोरता का आभास ही नहीं होता है। क्योंकि उस वक्त हमारा सारा ध्यान पतंग पर ही एकाग्र हो जाता हैं। हमें अपनी पतंग के सिवाय कुछ और दिखाई ही नही देता हैं।और न ही कोई पीड़ा का अनुभव होता है। इसीलिए हमें छत की कठोरता का अनुभव भी नहीं होता हैं।  

(ब)    अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से

         और बच जाते हैं तब तो

       और भी निडर होकर सुनहले सूरज के सामने आते हैं।

प्रश्न 1.  खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं ?

उत्तर-

खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद व्यक्ति के अंदर का डर खत्म हो जाता हैं। और उसके आत्मविश्वास में निश्चित रूप से वृद्धि होती है। फिर व्यक्ति दुनिया की चुनौतियों का सामना दुगने उत्साह , साहस व निडरता के साथ करने लगता हैं।

खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद मैं दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को आत्मविश्वास व साहस से भरा हुआ महसूस करता हूँ। 

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