Namak Class 12 Question Answer : नमक के प्रश्न उत्तर

Namak Class 12 Question Answer,

Namak Class 12 Question Answer Hindi Aaroh Bhag 2 Chapter 16 , नमक कक्षा 12 के प्रश्न उत्तर हिन्दी आरोह 2 पाठ 16 ,

Namak Class 12 Question Answer

 नमक कक्षा 12 के प्रश्न उत्तर

Note-

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Namak Class 12 Question Answer

प्रश्न 1 .

सफिया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने से क्यों मना कर दिया ?

उत्तर –

सफिया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने को इसलिए मना किया क्योंकि पुलिस ऑफिसर होने के नाते वह जानता था कि पाकिस्तान से भारत नमक ले जाना गैरकानूनी है। और चोरी छुपे नमक भारत ले जाने पर कस्टम अधिकारियों के द्वारा पकड़े जाने का खतरा भी था । इसीलिये वह नहीं चाहता था कि सफिया नमक की पुड़िया अपने साथ ले जाए। 

प्रश्न 2 .

नमक की पुड़िया ले जाने के संबंध में सफिया के मन में क्या द्वंद था  ?

उत्तर –

सफिया सिख बीवी से किया हुआ अपना वादा निभाना चाहती थी। इसीलिए वह हर हाल में नमक की पुड़िया को भारत लाना चाहती थी। चूंकि उस वक्त पाकिस्तान से भारत नमक लाना गैरकानूनी था।

इसीलिए उसके मन में यह द्वंद चल रहा था कि वह नमक की पुड़िया को चोरी से छुपाकर भारत ले जाए या फिर कस्टम अधिकारियों को बता कर ले जाए। क्योंकि चोरी छुपे ले जाने में पकड़े जाने का डर था तो कस्टम अधिकारियों को बताने में उनके मना करने का डर भी उसे सता रहा था। 

प्रश्न 3 .

जब सफिया अमृतसर पुल पर चढ़ी थी तो कस्टम ऑफिसर निचली सीढ़ी के पास सिर झुकाए चुपचाप क्यों खड़े थे ?

उत्तर –

जब सफिया ने पाकिस्तान से भारत नमक लाने के संदर्भ में सिख बीवी से जुड़ा प्रसंग उन्हें सुनाया तो उन्हें भी अचानक अपने वतन ढाका की याद हो आई। वह सिख बीबी की दिल की भावना को अच्छी तरह से समझते थे क्योंकि इतने साल हिंदुस्तान में गुजारने के बाद भी वो अपना वतन , अपनी जन्मभूमि ढाका को ही मानते थे। 

दूसरा वो सफिया के प्रति अपने दिल से सम्मान प्रकट कर रहे थे क्योंकि उसने अपना सिर्फ एक वादा निभाने के लिए इतना बड़ा जोखिम उठाया। 

प्रश्न 4 .

“लाहौर अभी भी उनका वतन है और देहली मेरा या मेरा वतन ढाका है”। जैसे उद्गार किस सामाजिक यथार्थ का संकेत करते हैं ?

उत्तर –

लोगों के इन कथनों से पता चलता है कि राजनैतिक या भौगोलिक , किसी भी कारण से किसी भी देश या जमीन को दो टुकड़ों में बांटा तो जा सकता है लेकिन लोगों के दिलों से उनकी भावनाओं , उनके जज्बातों को मिटाया नहीं जा सकता।

इसीलिए हिंदुस्तान के दो टुकड़ों में बंट जाने के बाद भी एक पाकिस्तानी आज भी अपना वतन हिंदुस्तान को ही मानता है तो एक हिंदुस्तानी लाहौर को बहुत याद करती है।  लोगों ने अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए भले ही देश को दो टुकड़ों में बाँट दिया हो लेकिन वो लोगों के जज्बातों को नहीं मिटा पाये। 

प्रश्न 5 .

नमक ले जाने के बारे में सफिया के मन में उठे द्वंदों के आधार पर उसकी चारित्रिक विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर –

पाकिस्तान से भारत नमक लाने वक्त सफिया के मन में कई विचार उठ रहे थे। जिससे उनके चरित्र के बारे में पता चलता है। 

 वायदे की पक्की  –

सफिया एक सैयद मुसलमान थी और वह अपना दिया हुआ वादा हर हाल में निभाना चाहती थी। इसीलिए वो चोरी छुपे या कस्टमर अधिकारियों को बताकर भारत नमक लाना चाहती थी।  

ईमानदार महिला –

सफिया बहुत ही ईमानदार महिला थी । वो नमक को चोरी छुपे भारत नहीं ले जाना चाहती थी।  इसीलिए वो हिंदुस्तान और पाकिस्तान , दोनों देशों के कस्टम अधिकारियों को सभी बातें सच-सच बता कर नमक की पुड़िया को भारत लाने में कामयाब हो जाती है। 

 भावनाओं का ख्याल –

यह जानते हुए कि पाकिस्तान से भारत नमक लाना गैरकानूनी है फिर भी वो सिर्फ सिख बीवी की भावनाओं का ख्याल करते हुए किसी भी हाल में लाहौरी नमक लाकर उन्हें भेंट करना चाहती थी। 

साहसिक निर्णय –

अपने भाई के मना करने के बाद भी उसने पहले नमक की पुड़िया को कीनू की टोकरी के तले में छुपाकर और फिर कस्टम अधिकारियों को बता कर भारत ले जाने का साहसिक निर्णय लिया। 

प्रश्न 6.

मानचित्र पर एक लकीर खींच देने से जमीन और जनता बँट नहीं जाती है। उचित तर्कों व उदाहरणों के जरिए इसकी पुष्टि कीजिए ?

उत्तर –

यह सच है कि मानचित्र पर एक लकीर खींच देने से जमीन व जनता बटँ नहीं जाती है। मगर भारत का दुर्भाग्य यह रहा कि भारत तीन टुकड़ों (भारत , पाकिस्तान और बांग्लादेश) में बँट गया लेकिन सुखद बात यह रही कि लोगों ने अपने दिलों में यह लकीर खींचने नहीं दी।

आज भी भारत , पाकिस्तान , बांग्लादेश के लोग एक दूसरे से मिलते जुलते हैं। उनके बीच प्रेम , सद्भावना व भाईचारा बरकरार हैं। लोग एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हैं। तीनों देशों के नागरिक एक दूसरे के देशों में आते जाते हैं। 

प्रश्न 7.

“नमक” कहानी में भारत और पाक की जनता के आरोपित भेदभावों के बीच मोहब्बत का नमकीन स्वाद धुला है। कैसे ?

उत्तर –

“नमक” कहानी के आधार पर भारत और पाक की जनता के आरोपित भेदभावों के बीच मोहब्बत का नमकीन स्वाद धुला हुआ साफ – साफ नजर आता है। सफिया हिंदुस्तान में रहती हैं मगर उसके तीनों सगे भाई , रिश्तेदार , दोस्त , सभी पाकिस्तान में रहते हैं जिनसे मिलने वो पाकिस्तान आती जाती रहती है।

विभाजन के वक्त भारत आई सिख बीबी आज भी लाहौर को ही अपना वतन मानकर उससे भावनात्मक जुड़ाव महसूस करती हैं तो एक पाकिस्तानी कस्टम अधिकारी अपना वतन देहली (दिल्ली) बताता है। ये सब बातें दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच खींची मजबूत सरहद की लकीर भी लोगों को उनके भावनात्मक जज्बातों से अलग नहीं कर पाई। 

क्यों कहां गया ?

प्रश्न 1.

क्या सब कानून , हुकूमत के ही होते हैं। कुछ मोहब्बत , मुरौबत , आदमियत , इंसानियत के नहीं होते हैं। ?

उत्तर –

सभी कानूनों से ऊपर दया , प्रेम व इंसानियत को माना गया है। और इंसानियत की भावना को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ स्थान दिया गया है क्योंकि इंसानियत से ही दुनिया के सभी लोगों को अपना बनाया जा सकता है। सबको प्रेम , भाईचारा , सद्भावना के मजबूत बंधन में बंधा जा सकता हैं। 

बिना इंसानियत के तो इंसान पशु के समान ही है। इसीलिए सफिया कहती हैं कि सारे कानून हुकूमत के नहीं होते हैं बल्कि ये दुनिया प्रेम , मोहब्बत , इंसानियत के कानूनों पर ही टिकती व चलती है। 

प्रश्न 2 .

भावना के स्थान पर बुद्धि धीरे-धीरे उस पर हावी हो रही थी ?

उत्तर –

सफिया के भाई ने जब उसे बताया कि वह नमक भारत नहीं ले जा सकती क्योंकि भारत नमक ले जाना गैरकानूनी है तो उसे बहुत अधिक गुस्सा आया। मगर कुछ समय बाद जब उसका गुस्सा उतरा तो उसने भावना के स्थान पर अपनी बुद्धि से काम लेना शुरू किया। 

उसने भारत नमक ले जाने के सारे विकल्पों के बारे में सोचना शुरू किया। अंत में उसने नमक की पुड़िया को कीनू की टोकरी के तले में छुपाकर भारत ले जाने का साहसिक निर्णय लिया। 

प्रश्न 3.

मुहब्बत तो कस्टम से इस तरह गुजर जाती है कि कानून हैरान रह जाता है ?

उत्तर-

नमक की पुडिया के बारे में सब कुछ सच – सच जानने के बाद यह शब्द पाकिस्तानी कस्टम अधिकारी ने सफिया से कहे। उसका मानना था कि कानून अपनी जगह है और इंसानी भावनाएं अपनी जगह।

मगर कभी-कभी इंसानियत के खातिर कानून को भी तोड़ देने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि प्रेम व इंसानियत दुनिया के सभी कानूनों से ऊपर है। 

प्रश्न 4.

हमारी जमीन , हमारे पानी का मजा ही कुछ और है ?

उत्तर –

भारतीय कस्टम अधिकारी सुनील दास गुप्त आज भी ढाका को ही अपना वतन मानते हैं। लेखिका की बात सुनकर उन्हें भी अपने वतन की जमीन , नमक व पानी की याद हो आती है और वो भावुक होकर यह बात कहने लगते हैं।

समझाइए तो जरा

प्रश्न 1.

फिर पलकों से कुछ सितारे टूट कर दूधिया आंचल में समा जाते हैं ?

उत्तर –

उपरोक्त पंक्ति में लेखिका के कहने का अभिप्राय यह है कि जब भी किसी व्यक्ति को अपने प्रियजन या अपने वतन की याद आती है तो उसकी आंखों से आंसू बह निकलते हैं।

इस कहानी में , सिख बीबी आज भी अपना वतन लाहौर को ही मानती हैं और वहाँ की याद आते ही उनकी आंखों से आंसू बह कर उनके सफेद दुपट्टे में गिर जाते हैं। 

प्रश्न 2.

किसका वतन कहां है वह जो , कस्टम के इस तरफ है या उस तरफ  ?

उत्तर –

अमृतसर के पुल को पार करते हुए सफिया यही सोच रही थी सिख बीबी अपना वतन आज भी लाहौर को मानती हैं तो पाकिस्तान का एक कस्टम अधिकारी दिल्ली को अपना वतन मानता है। और एक भारतीय कस्टम अधिकारी ढाका को अपना वतन बताता है।

इन तीनों व्यक्तियों की जन्मभूमि व कर्मभूमि अलग-अलग है लेकिन तीनों ही व्यक्तियों को अपनी जन्मभूमि से बेहद लगाव है। इनका मन आज भी अपनी जन्मभूमि में बसा है और उसको याद कर आज भी ये लोग भावुक हो उठते हैं। 

Namak Class 12 Question Answer

पाठ के आसपास 

प्रश्न 1.

“नमक” कहानी में हिंदुस्तान , पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की भावनाओं , संवेदनाओं को उभारा गया है। वर्तमान संदर्भ में इन संवेदनाओं की स्थिति को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए ?

 उत्तर –

“नमक” कहानी में हिंदुस्तान और पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की भावनाओं को उभारा गया है। लेकिन आज की स्थिति पहले से भिन्न हैं क्योंकि बंटवारे के बाद जो पीढ़ी हिंदुस्तान से पाकिस्तान गई थी और जो पाकिस्तान से हिंदुस्तान आई थी , वह लगभग समाप्त हो गई है।

नई युवा पीढ़ी ने अपने वर्तमान देशों में ही जन्म लिया और वही पली-बढ़ी भी हैं । उन्होंने वही के रीति रिवाज व संस्कारों को अपनाया है और विभाजन का कड़वा दर्द भी नहीं झेला हैं। समय के साथ कुछ राजनीतिक परिस्थितियां भी बदली जिससे लोगों के बीच में पहले जैसा भावात्मक लगाव नही रहा हैं।

प्रश्न 2 .

सफिया की मन स्थिति को कहानी में एक विशिष्ट संदर्भ में अलग तरह से स्पष्ट किया गया है। अगर आप सफिया की जगह होते / होती , तो क्या आपकी मन:स्थिति भी वैसी ही होती। स्पष्ट कीजिए ?

 उत्तर –

हां , अगर मैं सफिया की जगह होता , तो मेरी भी मनस्थिति कुछ वैसी ही होती क्योंकि सफिया के मन की स्थिति उसकी तात्कालिक परिस्थितियों का परिणाम थी। एक तरफ वो सिख बीबी से किया अपना वादा निभाना चाहती थी तो दूसरी तरफ उसके सामने दोनों देशों की कस्टम की दीवार खड़ी थी जो उसे नमक भारत लाने लाने की इजाजत नहीं देती थी। इसीलिए उसकी बुद्धि व भावना एक दूसरे पर हावी होने लगी थी।  

प्रश्न 3.

भारत – पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सुधारने के लिए दोनों सरकारें प्रयासरत हैं। व्यक्तिगत तौर पर आप इसमें क्या योगदान दे सकते हैं /सकती हैं ?

उत्तर-

भारत – पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सुधारने के लिए मैं व्यक्तिगत तौर पर निम्नलिखित योगदान दे सकता हूं।

  1. मैं व्यक्तिगत तौर पर सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अपने मन में प्रेम , दया व इंसानियत की भावना रखने की कोशिश करूँगा। 
  2.  दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ाने पर जोर देने की कोशिश करूंगा। 
  3.  दोनों देशों के बीच खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दूंगा। 
  4.  उनके तीज -त्यौहार , रस्मो रिवाज का अपने दिल से सम्मान करुंगा। 

प्रश्न 4.

लेखिका ने विभाजन से उपजे विस्थापन की समस्या का चित्रण करते हुए सफिया व सिख बीबी के माध्यम से यह भी परोक्ष रूप से संकेत किया है कि इसमें भी विवाह की रीति के कारण स्त्री सबसे अधिक विस्थापित है। क्या आप इससे सहमत हैं ?

उत्तर

 मैं लेखिका के दृष्टिकोण से पूरी तरह से सहमत हूं। विवाह के बाद हर महिला को अपने पिता का घर छोड़कर अपने पति के घर जाना ही पड़ता है। फिर चाहे वो एक शहर से दूसरे शहर जाना हो या एक देश से दूसरे देश।

हर महिला अपने जीवन में कम से कम एक बार , विवाह के पश्चात पक्के तौर पर विस्थापित होती ही है। पिता का घर छोड़कर दूसरे परिवार या देश के माहौल में ढलना उसके लिए शुरुआती समय में काफी कठिन होता है। 

प्रश्न 5 .

विभाजन के अनेक स्वरूपों में बँटी जनता को मिलाने की अनेक भूमिकाएं हो सकती हैं। रक्त – संबंध , विज्ञान , साहित्य व कला। इन में से कौन सबसे ताकतवर है और क्यों ?

 उत्तर –

विभाजन के अनेक स्वरूपों में बँटी जनता को मिलाने की अनेक भूमिकाएं हो सकती हैं। रक्त – संबंध , विज्ञान , साहित्य व कला लेकिन इसमें भी “साहित्य और कला” सबसे सशक्त माध्यम हो सकता है क्योंकि यह माध्यम इंसान की भावनाओं पर आधारित है।

साहित्यकार और कलाकार पूरे समाज के दुख – दर्द व उनकी भावनाओं को अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकट करते हैं। इसीलिए यही सबसे सशक्त माध्यम है जो लोगों के बीच की दूरियां को कम कर सकता है। 

भाषा की बात

प्रश्न 1.

नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान से पढ़िए ?

सामान्यतः “ही” निपात का प्रयोग किसी बात पर बल देने के लिए किया जाता है। नीचे दिए गए दोनों वाक्यों में “ही” के प्रयोग से अर्थ में क्या परिवर्तन आया है। स्पष्ट कीजिए ?

(क)  हमारा वतन तो जी लाहौर ही है। 

उत्तर –

“ही” का प्रयोग करने से वाक्य प्रभावशाली बन जाता है और इसका अर्थ भी किसी विशेषता को बताता है।

उपरोक्त वाक्य में “ही” का प्रयोग यह अर्थ देता है कि हमारा वतन तो केवल लाहौर है और कोई नहीं। 

(ख) क्या सबै कानून हुकूमत के ही होते हैं ?

इस वाक्य में “ही” का अर्थ है कि क्या कानून केवल हुकूमत के लिए बने हैं। अन्य बातें भी कानून के दायरे में ही आती हैं। 

(ग)

“ही” का प्रयोग करते हुए दोनों तरह के अर्थ वाले पांच – पांच वाक्य बनाइए ?

 उत्तर –

“ही” का प्रयोग करते हुए सकारात्मक वाक्य। 

  1. तुमने ही तो इस प्रश्न का जवाब दिया था। 
  2.  तुम्हारे कारण ही आज मैं इस मुकाम में पहुंचा हूं। 
  3.  मैं ही बेवकूफ था जो तुम्हारी बातों में आ गया। 
  4.  तुमने ही तो मेरा मार्गदर्शन किया वरना मैं तो रास्ता भटक गया था। 
  5.  सब लोग तुम्हारा ही कहना मानते हैं। 

“ही” का प्रयोग करते हुए नकारात्मक वाक्य

  1. क्या तुमने ही इस प्रश्न का जवाब दिया था ?
  2.  क्या रमेश , तुम्हारे ही कारण आज इस मुकाम पर हैं ? 
  3.   क्या सब ही बेवकूफ थे जो तुम्हारी बातों पर आ गए ?
  4.  क्या सिर्फ मैं ही बचा हूं यह काम करने के लिए ?
  5.  क्या सभी लोग तुम्हारा ही कहना मानते हैं ?

प्रश्न 2.

नीचे दिए गए शब्दों के हिंदी रूप लिखिए ?

उत्तर –

मुरौवत  –  संकोच , लिहाज  

आदमियत  –  इंसानियत

अदीब  –  साहित्यकार या लेखक

साडा  –  मेरा / हमारा

मायने  –  अर्थ

सरहद  –  देश की सीमा

अक्स  –  प्रतिबिंब या छाया

लबोलहजा  –  कहने का ढंग / बोलने का तरीका

नफीस  –  उत्तम सुंदर बहुत बढ़िया

प्रश्न 3.

“15 दिन यूं गुजरे कि पता ही नहीं चला”। वाक्य को ध्यान से पढ़िए और इसी प्रकार के (यों , कि , ही) से युक्त पांच वाक्य बनाइए ?

उत्तर –

  1. आज मैं यूं ही तुम्हारे घर चला आया। 
  2. तुम तो उस कस्टम अधिकारी के बारे में ऐसे बता रहे हो जैसे कि तुम उसे पहले से ही जानते हो। 
  3.  आज सुबह ही मैं अपने प्रधानाचार्य से मिला। 
  4. दिल्ली में एक महीना यूं गुजर गया की पता ही नहीं चला। 
  5. यूं ही गुजर बसर करते करते दो महीने बीत गये। 

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