Essay On Soldiers : भारतीय सैनिकों पर हिन्दी निबन्ध

Essay On Soldiers : भारतीय सैनिकों पर हिन्दी निबन्ध

निबंध हिंदी में हो या अंग्रेजी में , निबंध लिखने का एक खास तरीका होता है। हर निबंध को कुछ बिंदुओं (Points ) पर आधारित कर लिखा जाता है। जिससे परीक्षा में और अच्छे मार्क्स आने की संभावना बढ़ जाती है।

हम भी यहां पर “भारतीय सैनिकों / Essay On Soldiers ” पर निबंध को कुछ बिंदुओं पर आधारित कर लिख रहे हैं। आप भी अपनी परीक्षाओं में निबंध कुछ इस तरह से लिख सकते हैं। जिससे आपके परीक्षा में अच्छे मार्क्स आयें।

Essay On Soldiers

भारतीय सैनिकों पर हिन्दी निबन्ध

Content 

  1. प्रस्तावना
  2. सैनिकों का महत्व (Importance Of Soldiers)
  3. भारतीय सेना व सैनिक (Indian Army and Soldiers) 
  4. अदम्य साहस व वीरता का दूसरा नाम हैं भारतीय सैनिक 
  5. उपसंहार 

प्रस्तावना 

“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ” यानी की जननी (माता ) और जन्मभूमि दोनों ही महान है। इनसे बढ़कर दुनिया में कुछ और नहीं। इसीलिए दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति के लिए उसका राष्ट्र  , उसकी मातृभूमि ही प्रथम पूज्यनीय होती हैं। और प्रत्येक राष्ट्र के लिए उसकी सम्पूर्ण स्वतंत्रता ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है।

इसी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए देश की सेना को हमेशा तैयार रहना पड़ता है।और सैनिक ही सेना की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।जो अपनी मातृभूमि पर मर मिटने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं। 

सैनिकों का महत्व (Importance Of Soldiers)

किसी भी देश की सुरक्षा उस देश की सेना व सैनिकों के मनोबल , साहस , धैर्य , बुद्धिमत्ता व कठिन से कठिन परिस्थिति में भी तुरंत व सही निर्णय लेने की क्षमता पर ही निर्भर करती है।सैनिक ही देश के असली रक्षक व हीरो होते हैं जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी अपने देश की सुरक्षा को ही अपना प्रथम कर्तव्य समझते हैं।उन्हीं की वजह से देश व देशवासी सुरक्षित रहते हैं। 

भारत एक विशाल देश है जहां पर लगभग 130 करोड़ की जनसंख्या निवास करती है। भारत की सीमाएं कई पड़ोसी देशों की सीमाओं से मिलती हैं।जहां से दुश्मनों और आतंकवादियों के अपने देश में घुसने का खतरा लगातार बना रहता है। इसीलिए इन सीमाओं पर हमेशा भारतीय जवान या भारतीय सैनिक पहरा देते रहते हैं। 

जाति , धर्म ,प्रांत , भाषा आदि संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर भारतीय सैनिक के लिए पूरा राष्ट्र ही उसका परिवार है।और अपने इसी परिवार की रक्षा के लिए वह चौबीसों घंटे सीमा पर खड़े होकर इस देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।और भारत मां की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर भी करने से पीछे नहीं हटते है। गर्मी , जाड़ा , वर्षा , कोई भी मौसम उन्हें अपने मार्ग से डिगा नहीं सकता। यहाँ तक कि मौत भी नहीं। 

इन्हीं सैनिकों की वीरता , अदम साहस की वजह से देश और देश का प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षित महसूस करता है। हम अपने घरों में शांति से रहते हैं। और बड़े खुशी व आनंद के साथ अपने त्योहारों को मनाते हैं। अपने देश की सेवा के लिए वो अपने परिवार , सगे संबंधियों से दूर रहते है। 

भारतीय सेना व सैनिक (Indian Army and Soldiers)

हमारे देश के पास विशाल सैन्य बल है जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया है। जल सेना , थल सेना और वायु सेना। हमारी देश की सेना के तीनों अंग अत्याधुनिक हथियारों , उपकरणों से सुसज्जित है जो दुश्मनों को पलक झपकते ही निस्तोनाबूद करने में समर्थ है।

हमारी सेना के प्रत्येक अंग का प्रत्येक सैनिक भारतीय सैनिक अथवा जवान कहलाता है।प्रत्येक भारतीय सैनिक को सेना में शामिल करने से पहले पूर्ण रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। उन्हें अनुशासित ढंग से पूर्ण रूप से सतर्क रहकर जीवन जीना सिखाया जाता है। अनेक शस्त्रों को अच्छी तरह से चलाना सिखाया जाता है।

भारतीय सैनिकों में देश प्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी रहती है।वीरता की तो वो साक्षात प्रतिमूर्ति ही होते हैं। साहस और त्याग प्रत्येक सैनिकों के खून में होता है। सच में सैनिकों के रहते हुए दुश्मन इस देश की तरफ आंख उठाकर देखने का साहस भी नहीं कर सकते हैं। 

अदम्य साहस व वीरता का दूसरा नाम हैं भारतीय सैनिक

सच तो यह है कि भारतीय सैनिक अपने अदम्य साहस व वीरता के लिए सारी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।सन 1962 की ही बात कर लीजिए। हिमालय की बर्फीली चोटियों व घाटियों में पर्याप्त साधनों के ना होते हुए भी मुट्ठी भर भारतीय वीर सैनिकों ने चीन की खूंखार सेना का सामना जिस तरह किया। उसकी मिसाल आज भी दुनिया में कहीं नहीं है। 

भारतीय जवानों ने हर बार पाकिस्तानी आक्रमण का सामना अद्भुत व अनुपम वीरता के साथ किया। पड़ोसी देश पाकिस्तान जब से भारत से अलग हुआ है। तब से भारत के लिए उसका राग द्वेष जगजाहिर है।

हमेशा अपनी नापाक हरकतों से हमारे देश में अशांति फैलाने का प्रयास करता रहता है।कभी सीधे युद्ध कर तो , कभी आतंकवादियों को भेजकर। लेकिन उसने हमेशा ही मुंह की खाई है। हमारे वीर सैनिकों के आगे हमेशा उनके सैनिकों व आतंकवादियों ने घुटने ही टेके हैं। 

हमारे वीर सैनिकों ने अपनी वीरता और हिम्मत से पाकिस्तानी सितम से बंगला देश को आजादी दिलाई। यही नहीं करीबन एक लाख से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को भारत की शरणागति स्वीकार करनी पड़ी थी।

कारगिल का युद्ध तो भुलाये नहीं भूलता।सन् 1999 में कारगिल के युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अपनी वीरता के दम पर ही कारगिल जैसे दुर्गम स्थान पर भारतीय तिरंगा फहरा कर अपनी वीरता का परिचय दिया था।और पाकिस्तानी सैनिकों को चुन चुन कर मार गिराया।

सर्जिकल स्टाइक और पुलवामा अटैक के बाद एयर स्ट्राइक को शायद पाकिस्तान कभी नहीं भूल पायेगा। जब भारतीय सैनिक पाकिस्तान की धरती पर जाकर उनके आतंकवादियों और आतंकवादियों के गढों को ध्वस्त कर सुरक्षित लौट आए थे। 

जिसे देख कर दुनिया भर के बड़े-बड़े राष्ट्र भी भारतीय सैनिकों की शक्ति और कुशलता को देखकर आश्चर्यचकित हो गए थे।ये तो भारतीय सैनिकों के कुछ उदाहरण भर हैं। भारतीय सैनिकों की बदौलत ही विश्व के देश भारत को एक बड़ी ताकत मानने लगे थे। 

हाँ , उस वक्त दिल जरूर दुखी हो जाता है , जब ये आतंकवादी या देश के दुश्मन हमारे देश के सैनिकों के साथ सीधे युद्ध न कर , घात लगाकर हमला कर देते हैं। जिसमें हमारे अनेक वीर जवान शहीद हो जाते हैं। लेकिन तिरंगे में लिपटे हुए उन वीर अमर शहीदों को देखकर सीना गर्व से चौड़ा भी हो जाता है कि भारत मां का एक और लाल उसकी सेवा करते हुए अमर हो गया। 

उपसंहार (Essay On Soldiers)

“हम तिरंगे को फहरा कर वापस आएंगे या तिरंगे में लिपटकर , लेकिन इतना तो तय है कि वापस जरूर आएंगे”।

भारतीय सेना का हर सैनिक , चाहे वह किसी भी पद पर तैनात क्यों न हो , अपने दिल में बस यही सोच कर अपने कर्म पथ पर निकल पड़ता है। जाति-पाँती , धर्म , राज्य , भाषा इन सब से ऊपर उठकर पूरा देश उसका परिवार बन जाता है। और वह राष्ट्र के प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा व स्वतंत्रता के लिए हमेशा सरहदों पर खड़ा रहता है। ताकि उसके देश और देशवासियों पर कोई आँच  ना आए। 

भारत का प्रत्येक सैनिक अपनी जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ और प्राणों से भी अधिक प्यारा समझता है। जन्मभूमि ही उनकी सच्ची माता है। उसके सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए वह अपने प्राणों की बाजी लगा देता है। 

Essay On Soldiers : भारतीय सैनिकों पर हिन्दी निबन्ध

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