ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली :लाभ और इसे बेहतर बनाने के उपाय

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Online Education In Hindi

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आपदा जहाँ एक ओर विनाश लाती हैं वहीं दूसरी ओर नए खोज , आविष्करों और नई जीवन शैली को अपनाने के सुनहरे अवसर भी देती हैं। कोरोना आपदा भी पूरी दुनिया के लिए एक ऐसी ही आपदा हैं जिसका दुखद पहलू यह हैं कि इसने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली। और कई लोगों में अभी भी इसके संक्रमण का खतरा मँडरा रहा है। 

मगर इसका सुखद पहलू भी हैं। इस आपदा के बाद दुनिया के कई देशों ने आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाए। भारत भी उनमें से एक हैं। कोरोना आपदा से लड़ने के लिए वैज्ञानिकों ने दवाई व  वैक्सीन की खोज करनी शुरू कर दी। लोगों ने भी अपनी जीवनशैली में बदलाव करना शुरू कर दिया।

एक बार फिर लोग स्वच्छ पर्यावरण और प्रकृति के बारे में सोचने को मजबूर हुए। शिक्षा के क्षेत्र में भी इस आपदा से एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया। जिसे हम ऑनलाइन शिक्षा के नाम से जानते हैं। इस आपदा ने न सिर्फ ऑनलाइन शिक्षा के महत्व को बढ़ाया बल्कि इसके माध्यम से लाखों बच्चे लाभान्वित भी हुए। लोगों ने ऑनलाइन शिक्षा को बेझिझक अपनाया। 

क्या है ऑनलाइन शिक्षा

What Is Online Education In Hindi

ऑनलाइन शिक्षा एक ऐसी शिक्षा है जो तकनीकी पर आधारित है। घर बैठे-बैठे इंटरनेट व अन्य संचार उपकरणों के माध्यम से ली जाने वाली शिक्षा को ऑनलाइन शिक्षा कहा जाता है।ऑनलाइन शिक्षा हमारी पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था से थोड़ा सा अलग है। 

पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था में बच्चे स्कूल की क्लास रूम में बैठकर अपने शिक्षक से प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करते हैं। जबकि ऑनलाइन शिक्षा में कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से शिक्षक छात्रों से जुड़ कर शिक्षा देते हैं। इसकी कुछ निश्चित सीमाएं भी हैं। 

ऑनलाइन शिक्षा के लिए विद्यार्थीयों के पास एक इंटरनेट कनेक्शन , एक कंप्यूटर या मोबाइल फोन होना आवश्यक है। इनकी मदद से विद्यार्थी किसी ऐप के जरिए अपने शिक्षक से जुड़ कर शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं जैसे गूगल मीट , ज़ूम , स्काइप , व्हाट्सएप (WhatsApp) , वीडियो कॉल आदि। 

ऑनलाइन शिक्षा से लाभ (Benefits From Online Education In Hindi )

कोरोना आपदा ने हमें एक नई शिक्षा प्रणाली को अपनाने का मौका दिया। हालांकि शुरुआती दिनों में यह बहुत कठिन रहा लेकिन धीरे-धीरे सभी शिक्षण संस्थानों ने अपने पास उपलब्ध सीमित साधनों से अपने आप को ऑनलाइन एजुकेशन के अनुरूप बनाया और छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा देनी प्रारंभ की। इस आपदा ने ऑनलाइन एजुकेशन को खूब फलने फूलने का मौका दिया।

ऑनलाइन शिक्षा के अनेक लाभ हैं। 

  1. ऑनलाइन शिक्षा में समय व जगह की अनिवार्यता नहीं हैं। छात्र किसी भी जगह से और किसी भी समय ऑनलाइन शिक्षा ले सकते हैं। 
  2. ऑनलाइन शिक्षा कई रूपों में ली जा सकती है। जैसे शिक्षक सीधे गूगल मीट या अन्य ऐप के माध्यम से अपने छात्रों से जुड सकते है। इसके अलावा फाइल लिंक , वेबपेज , वीडियो , ऑडियो व अन्य माध्यमों से भी शिक्षक विषय से संबंधित तथ्यों को छात्रों को भेज सकता है।
  3. ऑनलाइन शिक्षा का एक फायदा यह भी है कि शिक्षक द्वारा पढ़ाये जाने वाले विषय का वीडियो बनाकर भी रखा जा सकता है। अगर किसी छात्र को कहीं पर किसी तथ्य को समझने में कोई दिक्कत हो तो , वह वीडियो को बार-बार देखकर उसे समझ सकता है। 
  4. ऑनलाइन शिक्षा का एक और फायदा यह है कि स्कूल , कॉलेज या शिक्षण संस्थाओं में जाने-आने वाले समय की बचत हो जाती है। इस बचे हुए समय को बच्चे अपनी प्रतिभा को निखारने या कुछ अन्य चीजों को सीखने में लगा सकते हैं।
  5. अच्छे अनुशासन और समय का बेहतर उपयोग कर ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। 
  6. स्कूल , कॉलेज या शिक्षण संस्थाओं में जाने-आने में परिवहन में लगने वाला खर्चा भी बच जाता है।
  7. ऑनलाइन शिक्षा पर्यावरण के लिए भी लाभदायक है क्योंकि इस शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई करने में कागज का बहुत कम उपयोग होता है जिसकी वजह से पेड़ों की कटाई कम होगी और पर्यावरण हरा भरा रहेगा। 
  8. ऐसे ग्रामीण क्षेत्र या दूरदराज के क्षेत्र , जहां स्कूल कॉलेज बहुत दूर है। और आसानी से यातायात के साधन भी उपलब्ध नहीं होते है।ऐसी जगहों में ऑनलाइन शिक्षा छात्रों के लिए बहुत उपयोगी हो सकती है।
  9.  यह शिक्षा उन बच्चों के लिए भी बहुत फायदेमंद है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। और पढ़ाई के साथ-साथ अपना खर्चा निकालने के लिए नौकरी करना चाहते हैं। 
  10. ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बड़े बैनर्स मुफ्त में क्लासेज या वीडियो उपलब्ध कराते हैं जिनका फायदा आर्थिक रूप से कमजोर या कोई भी छात्र ले सकता है। 
  11. अगर कोई छात्र , ऐसा कोई कोर्स करना चाहता हैं , जो उसके विश्वविद्यालय में उपलब्ध नहीं है। तो वह भारत या दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय से ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से उस कोर्स को कर सकता हैं।क्योंकि अब छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा में बहुत सारे विकल्प होते हैं।
  12. ऑनलाइन शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद , अब विश्वविद्यालय छात्रों को सर्टिफिकेट और डिग्री भी देने लगे हैं। 

ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के उपाय

(Online Education In Hindi)

वर्तमान में लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों और कुछ सरकारी स्कूलों ने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करना शुरू कर दिया है। लेकिन हमारे देश में अभी भी ऑनलाइन शिक्षा प्रारंभिक अवस्था (Primary Stage) में ही है।  इसको बेहतर बनाने के लिए कई उपाय करने होंगे जो निम्न है। 

    1. भारत की लगभग 66% आबादी गांवों में रहती हैं।कुछ गांवों तक तो इंटरनेट नेटवर्क पहुंच गया है। लेकिन अधिकतर गांवों या दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर कहीं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध भी है तो सिग्नल बहुत कमजोर (Weak) होते हैं जिसकी वजह से इंटरनेट एक्सेस ढंग से नहीं हो पाता है। जो बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा में सबसे बड़ी बाधा है।
    2. सरकार को सबसे पहले गांव-गांव तक व सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों तक इंटरनेट नेटवर्क को पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाना होगा ताकि बच्चे बिना किसी बाधा के पढ़ाई कर सकें। 
    3.  दूर दराज के इलाकों में आजादी के इतने साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची हैं। और बिना बिजली के कंप्यूटर , लैपटॉप या मोबाइल चल नहीं सकते। इसीलिए बिजली गांव-गांव तक पहुंचाकर ऑनलाइन शिक्षा को मजबूती प्रदान की जा सकती हैं। 
    4. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के पास ऑनलाइन शिक्षा लेने के लिए जरूरी उपकरण जैसे मोबाइल ,  इंटरनेट कनेक्शन , कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं होते हैं। और कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनके पास सिर्फ एक मोबाइल फोन होता है और घर में पढ़ने वाले दो या दो से अधिक बच्चे होते हैं। ऐसे में एक ही समय पर सभी बच्चों का ऑनलाइन शिक्षा लेना नामुमकिन है। 
    5. सरकार को कोई ठोस योजना बनाकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने होंगे। ताकि इन बच्चों को सुचारु रूप से ऑनलाइन शिक्षा मिल सके। वरना आर्थिक रूप से कमजोर और आर्थिक रूप से संपन्न बच्चों के बीच में एक बड़ी खाई बन जाएगी। 
    6. हालाँकि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में भी ज्यादातर ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। और जिन बच्चों के पास पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन नहीं है। उन्हें दिल्ली सरकार समय-समय पर स्मार्ट फोन उपलब्ध करा रही है। खास कर नौवीं से बारहवीं तक की छात्र-छात्राओं को। देश के कुछ और राज्य भी बच्चों को स्मार्ट फोन उपलब्ध करा रहे है। 
    7. सरकार को यह भी निश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा टेक्नोलॉजी के अभाव में पढाई से वंचित न रह जाए। 
    8. एक सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है कि कुछ प्राइवेट कंपनियों/फर्म  ऑनलाइन डिग्री को कम महत्व देती हैं। और नौकरी इत्यादि में भी उनको कमतर आंका जाता है।समय के साथ-साथ इस पूर्वाग्रह को भी मिटाना अति आवश्यक होगा। क्योंकि ऑनलाइन शिक्षा लेने वाले व्यक्ति से पारंपरिक शिक्षा लेने वाला व्यक्ति ही बेहतर हो। यह जरूरी नहीं है। 
    9. कुछ विश्वविद्यालयों व संस्थानों में ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम के लिए छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। हालांकि इस शुल्क के बदले उनको प्रशिक्षक और लाइब्रेरी एक्सेस जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन इससे छात्रों का ऑनलाइन शिक्षा का खर्चा बढ़ जाता है। आने वाले समय में इस तरह के शुल्कों को हटाया जाना चाहिए। 
    10. कोरोना काल से पहले भारत में ऑनलाइन शिक्षा को इतना महत्व नहीं दिया जाता था। इसीलिए शिक्षण संस्थाओं के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए कोई इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं था। शायद कुछ ही शिक्षण संस्थान ऐसे थे जहां पर ऑनलाइन शिक्षा के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर था। अगर ऑनलाइन शिक्षा को सुचारू रूप से चलाना है और इसके बेहतर परिणाम देखने हैं तो धीरे-धीरे ही सही लेकिन पूर्ण रूप से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना ही पड़ेगा। 
    11. सिर्फ अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं , भारत में अधिकतर शिक्षकों को भी ऑनलाइन शिक्षा के लिए जरूरी तकनीकी ज्ञान हासिल नहीं है। वो तकनीकी रूप से इतने प्रशिक्षित नहीं है कि वो बच्चों को ढंग से ऑनलाइन शिक्षा दे सकें या उच्च गुणवत्ता वाला ई-कंटेंट तैयार कर सकें ।
    12. शिक्षक पूरी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। इसीलिए शिक्षकों को उचित तकनीकी प्रशिक्षिण दिया जाय। उन्हें नये डिजिटल उपकरणों व माध्यमों का उपयोग करना सिखाया जाय। उन्हें लैपटॉप आदि प्रदान किये जाय। अगर ऐसा संभव हो पाया तो यह ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी में मील का पत्थर साबित होगा।
    13. अधिकतर सरकारी स्कूलों में तो स्मार्ट क्लास , ई-बोर्ड , कंप्यूटर , प्रिंटर और इंटरनेट कनेक्शन भी नहीं है। जहां पर बच्चों को कंप्यूटर और इंटरनेट का बेसिक ज्ञान भी दिया जा सके। अगर ऑनलाइन एजुकेशन को सफल बनाना है तो सभी सरकारी स्कूलों को इंटरनेट कनेक्शन व कप्यूटर सुविधाओं से लैस करना होगा।
    14. ऑनलाइन शिक्षा के हिसाब से सिलेबस व पाठ्य सामग्री तैयार करनी पड़ेगी।
    15. इंटरनेट पर क्षेत्रीय भाषाओं पर पठन-पाठन सामग्री बहुत कम उपलब्ध है जिससे क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ने वाले बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। अगर ऑनलाइन एजुकेशन को सफल बनाना है तो सरकार को चाहिए कि वह जल्दी से जल्दी इस समस्या का समाधान करें। 
    16. बच्चों को सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब विज्ञान या कोई और विषय जिसमें प्रैक्टिकल शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता होती है। ऑनलाइन शिक्षा में यह संभव नहीं हो पाता है। इसके लिए भी कुछ समाधान निकालना आवश्यक है। 
    17. कोरोना आपदा के वक्त दूरदर्शन के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा दी जा रही थी। हालांकि यह प्रोग्राम सीमित समय के लिए था लेकिन इस तरह के कार्यक्रमों का और अधिक मात्रा में संचालन किया जाना चाहिए जिससे ऑनलाइन एजुकेशन बेहतर हो सकती है। 
    18. ऑनलाइन शिक्षा में छात्र और शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से एक दूसरे के आमने-सामने नहीं होते हैं।  इसीलिए शिक्षकों को छात्रों को समझने और उनका मूल्यांकन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसका कोई समाधान निकालना पड़ेगा।
    19. ऑनलाइन एजुकेशन को दूरस्थ शिक्षा (Distance Learning ) के लिए सबसे बेहतर माना गया है।
    20. हाल ही में सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जिसमें छात्र अपने नियमित डिग्री कोर्स के साथ-साथ किसी डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन संस्थान या ऑनलाइन एजुकेशन से दूसरी डिग्री (Second degree) ले सकते हैं। जो ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहित करने का एक अच्छा तरीका है।
    21. ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार भी प्रयासरत है। इसीलिए भारत सरकार ने “Study Webs of Active-Learning for Young Aspiring Minds (SWAYAM / स्वयं)” पोर्टल शुरू किया है जो एक ऑनलाइन लर्निंग पोर्टल है। इसके माध्यम से लोगों को डिजिटली शिक्षित किया जा रहा है। इस पोर्टल पर कक्षा 9 से लेकर स्नातकोत्तर (Post Graduation) तक के कोर्स निशुल्क उपलब्ध है।
    22. इसमें सफलतापूर्वक अपना कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।
    23. लेकिन जागरूकता के अभाव में और लोगों को तकनीक की अधिक जानकारी न होने के कारण इसका उपयोग एक सीमित वर्ग तक ही रह गया है। शहरी छात्रों द्वारा इसका ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इस पोर्टल की जानकारी कम ही हैं।
    24. स्वयं पोर्टल या कोई भी अन्य शिक्षा योजना के बारे में जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार को एक अभियान के तहत कार्य करना होगा। ताकि लोगों को इसके बारे में पता चल सके और वो इसका भरपूर लाभ उठा सकें।
    25. इसके अलावा ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ई-बस्ता , डिजिटल इंडिया , पढ़े भारत ऑनलाइन , नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी जैसे अभियानों की भी शुरुआत की गई है।
    26. भारत में “भारत नेट” योजना की शुरुआत 2011 की गई थी। जिसका मकसद भारत के करीबन 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना था। लेकिन यह योजना किन्हीं कारणों से अधर पर लटकी है। अगर यह योजना सुचारू रूप से चल जाए तो ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था में इससे फायदा अवश्य होगा। 
    27. हालांकि अभी भी कुछ विशेषज्ञ व शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा को संदेह भरी नजरों से ही देखते हैं। वे पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को ही बेहतर मानते हैं। यह सही है कि एकदम पूरी शिक्षा व्यवस्था को पारंपरिक से ऑनलाइन में बदलना कठिन है। लेकिन धीरे-धीरे उन लोगों के संदेहों को दूर कर इस ढांचे को बदला जा सकता हैं।
    28. प्रतिदिन आठ से दस घंटे ऑनलाइन शिक्षा में व्यतीत करने के कारण बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ा है। ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को सुचारू और बेहतर बनाना है तो इस समस्या का भी कोई ठोस हल निकालना आवश्यक है। क्योंकि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।
    29. इस समय भारत में लगभग 40% लोग ही इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें भी युवाओं की संख्या ज्यादा हैं। इसे 100 फ़ीसदी पहुंचना बहुत बड़ी चुनौती हैं।
    30. ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार दीर्घकालिक उपाय करने पर विचार कर रही है। जिसके तहत अगले पाँच वर्षों में देश के लगभग 40% कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को लैपटॉप या टैबलेट वितरित किये जायेंगे।लेकिन ऑनलाइन शिक्षा को सफल बनाना हैं तो इसे 100% छात्रों तक पहुंचना आवश्यक हैं।

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