Munsiyari Uttarakhand ,पर्यटकों को लुभाती हिम नगरी

Munsiyari ,Pithoragarh Uttarakhand ,Himnagari Munsiyari ,Pithoragarh ,जहाँ से देखें पंचचूली पर्वत की अदभुत छटा उगते व डूबते सूरज के साथ।i 

Munsiyari Uttarakhand

अगर आप शहर की दौड़ भाग भरी जिंदगी से ऊब गए हैं और शांति के दो पल प्रकृति के साथ रहकर हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के पंचचूली पर्वत को और करीब से देखना चाहते हैं।या त्रिशूल पर्वत की छवि अपनी आंखों में बसा लेना चाहते हैं।

Munsiyari Uttarakhand

अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित हरे-भरे बुग्यालों में शांति से बैठकर मोनाल पक्षी का गीत सुनना चाहते हैं।या कस्तूरी मृग को चौकड़ी भरते हुए देखना चाहते हैं।गिरती हुई बर्फ को देखना चाहते हैं या फिर ग्लेशियरों के आसपास अपना समय बिताना चाहते हैं।ऊंचे-नीचे घुमावदार पहाडी रास्तों पर ट्रैकिंग का मजा लेना हो या पंचचूली पर्वत पर चढ़ना।या फिर माउंटेनियरिंग का मजा लेना चाहते हैं तो इस बार चले आइए मुनस्यारी ( Munsiyari Uttarakhand) में।

इसके साथ ही शुद्ध हवा, पानी, प्रदूषण रहित छोटा सा कस्बा जहां के लोग प्रकृति के करीब रह कर बहुत ह़ी सादगी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं। यहां के स्थानीय निवासी शौका व भोटिया जनजाति के लोग हैं।जो अपनी सभ्यता व संस्कृति से गहरा लगाव रखते हैं। व उसका सम्मान करते हैं।अपने पूर्वजों की धरोहरों को संभालकर, सजाकर रखते हैं। और अपनी आने वाली नई पीढ़ी से उसे रूबरू कराते हैं।

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Munsiyari known as “Mini Kashmir”

छोटा कश्मीर” के नाम से प्रसिद्ध मुनस्यारी शहर अपने आप में विशिष्ट है।लगभग 2200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह जगह पिथौरागढ़ जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।चारों तरफ से पर्वतों से धिरे मुनस्यारी में अक्सर देश विदेश से पर्यटक आते हैं ।इसकी खूबसूरती को निहारते हैं और इसके साथ समय बिताना पसंद करते हैं। मिलम ग्लेशियर और रालम ग्लेशियर की तरफ जाने के लिए मुनस्यारी से ही रास्ता जाता है।

Himnagar Munsiyari ,Pithoragarh

शहरी कोलाहल से बहुत दूर Munsiyari पिथौरागढ़ जिले का एक सीमांत क्षेत्र है।जिसकी एक सीमा नेपाल से मिलती है तो दूसरी तिब्बत से मिलती है।और तिब्बत जाने का मार्ग भी यह़ी से होकर जाता है।इसीलिए एक समय पर भारत व तिब्बत ब्यापार के लिए यही प्रमुख मार्ग था।मुनस्यारी का मतलब है “मुनियों का डेरा” यानी “तपस्वियों का तपोभूमि“।

Munsiyari Uttarakhand Climate

हिमालय के करीब होने के कारण Munsiyari का एक हिस्सा हमेशा बर्फ से ढका ही रहता है। वैसे पूरा मुनस्यारी नवंबर से लेकर मार्च के महीने तक पूरी तरह से बर्फ से ढक जाता है। तब यहां की खूबसूरती देखते ही बनती है चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर ओढ़े प्रकृति बेहद खूबसूरत नजर आती है।

उस वक्त यहां पर कुछ लोग स्किइंग का मजा लेने आते हैं तो कुछ लोग रोमांचक व साहसी खेल खेलने। और कुछ लोग आसमान से गिरती हुई इस मखमली सफेद बर्फ को देखने के लिए।

Munsiyari Tourism 

Munsiyari में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। मुनस्यारी के आस पास ऐसे कई जगहें है ।जहां पर आप उनकी खासियत के हिसाब से वहां का मजा ले सकते हैं जैसे..

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खलिया टाॅप (Khaliya Top)

शहर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित खलिया टॉप एक खूबसूरत बुग्याल है।यह पिकनिक मनाने के लिए एक शानदार जगह है तथा यहां से हिमालय की शानदार चोटियां बिल्कुल सामने दिखाई देती है।

कालामुनी टॉप (Kalamuni Top )

9600 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह जगह Munsiyari शहर से 14 किलोमीटर की दूरी पर है।यह मुनस्यारी की संभवत सबसे ऊंचाई वाली जगह है। यह जगह अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ धार्मिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है।यहां पर मां काली का एक मंदिर है जो लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है।

इस मंदिर में लोग घंटी बाँध कर माता काली से अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।और ऐसा माना जाता है कि माता काली उनकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करती हैं।यहां से पंचचूली के दर्शन आराम से किए जा सकते हैं।

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नंदा देवी मंदिर (Nanda Devi Mandir )

लगभग 7500 फीट की ऊंचाई पर स्थित शहर से सिर्फ 3 किलोमीटर दूरी पर है मां नंदा देवी का प्रसिद्ध व प्रमुख मंदिर। यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और माता के दर्शन करते हैं। विशेष पर्वो और त्योहारों के अवसर  इस पावन जगह पर अत्यधिक भीड़ रहती है। पंचचूली पर्वत यहां से देखने में और भी सुंदर दिखाई देता है।

मैड़कोट (Maidakot)

Munsiyari से सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गर्म पानी का एक प्राकृतिक कुंड है।यहां पर गर्म पानी स्वता ही प्रकृति के गर्भ से निकलता है।ऐसा माना जाता है कि इस गर्म पानी में नहाने से त्वचा रोग ,बदन दर्द ,गठिया ,बात जैसी बीमारीयों दूर होती है।यहां पर टैक्सी से आराम से जाया जा सकता है।

ट्राईबल हेरिटेज म्यूजियम या मास्टरजी म्यूजियम ( Tribal heritage museum )

यह एक निजी संग्रहालय हैं।जिसकी स्थापना एस.एस. पांगती जी ने की थी जो खुद भी शिक्षक,लेखक व ट्रैकर्स ‌‌‌‌रह चुके हैं।उन्होंने अपनी पूर्वजों की धरोहर तथा अपनी सभ्यता व संस्कृति से जुड़े हुए कई वस्तुओं को सहेज कर रखा है।जो अपनी सभ्यता और संस्कृति के प्रति सम्मान उनके सम्मान को दर्शाता है।यह सब देखने योग्य चीजें हैं जिनसे वहां की सभ्यता व संस्कृति के बारे में पता चलता है।

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बिर्थी वाटरफॉल (Birthi Water Fall )

Munsiyari शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर यह देखने के लिए एक शानदार जगह है।यहां पर एक सुंदर बहता हुआ झरना है जिसका पानी 126 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है। मंत्रमुग्ध कर देने वाला हरा भरा वातावरण ऊपर से लगातार गिरता हुआ ठंडे पानी का झरना।  टैक्सी और बस से उतने के बाद बस आपको थोडा़ पैदल ही इन पहाड़ी टेढ़े मेढ़े रास्ते को पार करना होगा।

दरकोट (Darkot)

Munsiyari city से सिर्फ 6 किलोमीटर की दूरी पर मदकोट रोड पर स्थित यह छोटा सा प्यारा सा गांव जो अपने लकड़ी के घरों व दरवाजों तथा उन पर खूबसूरत की गई पारंपरिक नक्काशी के लिए बहुत प्रसिद्ध है।यहां पर अक्सर पर्यटक भोटिया व शौका जनजाति की पारंपरिक तथा उनके पूर्वजों की अनमोल कारीगरी को देखने के लिए पहुंचते हैं

कालीन बुनना तथा शाँल बनाने का काम आज भी यहां के लोग बड़े शौक से करते है।ये लोग अपनी बारीक कारीगरी से बेहद खूबसूरत डिजाइनों को इन कालीनों तथा शाँलों में उतारते हैं। पहली नजर में आपको यकीन ही नहीं आएगा कि हाथ से बने हुए हैं। यह इनकी पारंपरिक कला हैं जो ये पीढी दर पीढी सीखते हैं।

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थमरी कुंड (Thamari Kund)

शहर से सिर्फ 10 किलोमीटर दूरी पर घने जंगलों तथा हरे-भरे अल्पाइन के पेड़ों के बीच ताजे पानी की झील लोगों का बरबस ही मन मोह लेती है। यहां पर सिर्फ ट्रैकिंग के माध्यम से ही जाया जा सकता है।यहां पर कस्तूरी मृग को को आप देख सकते हैं।अगर इलाके में बारिश कम हो तो लोग इस जगह पर आकर भगवान इंद्र देव से बारिश करने की प्रार्थना करते हैं और उनकी मनोकामना तुरंत पूर्ण हो जाती हैं।

महेश्वरी कुंड (Maheshwari Kund)

यह कुंड शहर के काफी नजदीक हैं। यह ताजे पानी का एक तालाब हैं। जिसका अपना एक पौराणिक महत्व हैं।

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Munsiyari Hill Station (Munsiyari Uttarakhand)

Munsiyari पिथौरागढ़ जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जिसको कुदरत ने अपने हाथों से बड़े प्यार से सजाया और संवारा है।हिमालय रेंज होने के कारण तथा बड़े भू -भाग का बर्फ से ढके रहने के कारण यहां पर कई तरह की दुर्लभ वनस्पतियां व वन्य जीव पाए जाते हैं। इन्हीं उच्च हिमालयी रेंजों में यारसागुम्बा जैसी दुर्लभ वनस्पति पाई जाती है। जो बाजार में आजकल काफी महंगी बिकती है।साहसिक व रोमांचकारी यात्रा के शौकीन लोगों के लिए यह जगह स्वर्ग है।

Munsiyari Hill Station 

सूरज की पहली किरण के साथ पंचचूली पर्वत को निहारना तथा ढलते सूरज के साथ भी पंचचूली पर्वत को निहारना सच में मेरे लिए यह एक शानदार अनुभव था।ऐसा लगता था मानो पंचचूली पर्वत पर किसी ने सोने का आवरण लगा दिया हो। प्रकृति की गोद में बैठकर शांति से खूबसूरत फूलों को निहारना, बिरंगी पक्षियों को देखना सच में एक शानदार और यादगार अनुभव था।

कहते हैं कि पंचचूली पर्वत से ह़ी पांडवों ने अपना स्वर्गारोहण किया था। और अंतिम बार भी इसी पर्वत के नीचे बैठकर खाना खाया था। सीजन टाइम पर यहां पर देश-विदेश के पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।तथा हर जगह पर पर्यटक ही पर्यटक दिखाई देते हैं ।यहां पर लोग ज्यादातर अपनी स्थानीय भाषा या हिंदी का ही अधिक प्रयोग करते हैं।

हिमालय क्षेत्र होने के कारण यहां पर ग्लेशियर बहुत अधिक संख्या में है।जिनको ग्लेशियर देखना पसंद हो उनको अवश्य Munsiyari की एक बार यात्रा करनी चाहिए।

snow fall at Munsiyari

दूरी ( Munsiyari Uttarakhand Distance)

काठगोदाम से मुनस्यारी तक की दूरी है -295 किलोमीटर।

तथा नैनीताल से मुनस्यारी तक -263 किलोमीटर।

और पिथौरागढ़ से मुनस्यारी तक- 128 किलोमीटर।

(लेकिन यहां पर सिर्फ बस या टैक्सी से ही आपको पहुंचना होगा)

कब आए (Munsiyari Best time to visit)

अगर बर्फबारी का मजा लेना हो तो नवंबर से लेकर मार्च तक।

Munsiyari Trek

Munsiyari  में ट्रैकिंग के लिए सबसे बेहतर समय है मार्च से जून तक ।

ट्रैकिंग के लिए यहां पर कुछ बहुत ही शानदार जगह हैं जैसे खुबसूरत बुग्याल (खलिया टॉप, रुई, वनिक ,रातापानी ,गैरधार, कालामुनी )।

मिलन ग्लेशियर (कुमाऊ का सबसे बड़ा ग्लेशियर माना जाता है), रालम ग्लेशियर, नंदा देवी बेस कैंप , थमरी कुंड तथा नामिक ग्लेशियर।देश विदेश के पर्यटक इन जगहों पर जाकर अपना Trekking का शौक पूरा करते हैं।

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किसके साथ आए (Munsiyari Uttarakhand)

परिवार के साथ , हनीमून मनाने के लिए, दोस्तों के साथ।

क्या करें (Munsiyari Uttarakhand)

अगर आपको पर्वतों पर चढने का शौक है तो पर्वतारोहण, अगर आप चित्रकार हैं तो सबसे बढ़िया रंग अपने कैनवस पर भरकर प्रकृति का सबसे बढ़िया चित्र बनाइये।और कवि हैं तो सुंदर सी कविता की कल्पना कर लिख डालिए।मुझे तो पर्यटन स्थलों के बारे में लिखना पसंद है इसीलिए मैंने यह post आपके लिए लिखी।

अपने साथ क्या लायें (Munsiyari Uttarakhand)

गर्म कपडे लाना ना भूलें। खूबसूरत तस्वीरें उतारने के लिए कैमरा।

जरुरी बात :- जाने से पहले होटल बुक करना ना भूलें।

snow fall at Munsiyari1

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