Essay On Importance Of Television in Hindi :
Essay On Importance Of Television
टेलीविजन का महत्व पर हिन्दी निबन्ध
Content / संकेत बिन्दु / विषय सूची
- प्रस्तावना
- टेलीविजन का महत्व (Importance of Television)
- टेलीविजन से लाभ (Advantages from Television)
- टेलीविजन से हानि (Disadvantages from Television)
- उपसंहार
प्रस्तावना
टेलीविजन के आविष्कार को हम “विज्ञान का चमत्कार” या “विज्ञान की अनोखी देन” कहें तो अतिश्योक्ति नही होगी ।टेलीविजन के माध्यम से हमें देश , दुनिया की हर खबर पलक झपकते ही मिल जाती हैं। विज्ञान के इस आविष्कार ने लोगों का मनोरंजन करने , उन्हें ज्ञान विज्ञान की बातों सिखाने तथा दुनिया भर की खबरें व जानकारी देने की जिम्मेदारी बखूबी उठाई है। टेलीविजन का आविष्कार स्कॉटिश इंजीनियर और अन्वेषक जाॅन लाॅगी बेयर्ड (John Logie Baird) ने किया था।
टेलीविजन का महत्व
टेलीविजन का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि आज हर घर में कुछ हो ना हो लेकिन टेलीविजन अवश्य होता है। इसका स्थान हर घर में एक सदस्य के जैसे ही है।जो बिना रुके बिना थके लोगों का मनोरंजन करता हैं। मजे की बात यह है कि इस टेलीविजन में हर वर्ग की रूचि के अनुसार कुछ ना कुछ कार्यक्रम अवश्य मिल जाएगा।
जहाँ एक ओर बुजुर्ग लोगों के लिए धार्मिक प्रोग्राम या भजनों के कार्यक्रम आते हैं। वही दूसरी ओर युवा वर्ग के लिए उनके मनपसंद के कार्यक्रम मिल जाएंगे। महिलाओं के लिए उनकी रूचि के अनुसार कई सारे सीरियल दिनभर चलते रहते हैं। इसी तरह बच्चों के लिए कार्टून चैनलों की भरमार है। यानी एक टीवी घर के हर सदस्य की “अलादीन के चिराग” की तरह इच्छाएं पूरी करता है और उनका भरपूर मनोरंजन करता हैं। किसी को भी निराश नहीं करता है।
शुरू शुरू में टेलीविजन सिर्फ श्वेत श्याम (Black And White ) होते थे। लेकिन अब तो टेलीविजन की दुनिया पूरी तरह से रंगीन है।और रंगीन टेलीविजन को देखने का मजा ही कुछ और हैं। पहले सिर्फ रेडियो ही हुआ करते थे। लेकिन टेलीविजन के आने के बाद बहुत बदलाव आया। क्योंकि रेडियो व टेलीविजन में बहुत बड़ा अंतर है। रेडियो पर केवल आवाज ही सुनाई देती है। जबकि टेलीविजन में हम आवाज के साथ-साथ दृश्य भी देख सकते हैं।
टेलीविजन के पर्दे में हम कलाकारों को एक साथ नाचते-गाते , बोलते , संवाद व अभिनय करते देख सकते हैं। पहले टेलीविजन में सिर्फ एक चैनल दूरदर्शन हुआ करता था। दूरदर्शन यानी दूर की चीजों को सामने दिखाना। दरअसल पहले सिर्फ दूरदर्शन समाचारों के साथ साथ उनसे संबंधित दूर-दूर की घटनाओं को हमारे सामने पेश करता है। इसीलिए इसका नाम दूरदर्शन पड़ा।
लेकिन अब तो टेलीविजन में चैनलों की बाढ़ सी आ गयी हैं। और हर चैनल अलग तरह के कार्यक्रमों को पेश करता है। जैसे कोई चैनल भक्ति से संबंधित कार्यक्रमों को पेश करता है तो कोई चैनल फिल्मों को दिखाता है।इसीलिए हर चैनल के अपने अलग दर्शक वर्ग हैं।
आजकल तो समाचार चैनल भी चौबीसों घंटे दुनिया भर के समाचारों या खबरों को पल भर में आपके सामने पेश कर देते हैं। और यह समाचार चैनल 24/7 चलते रहते हैं। आज हम समाचारों के साथ-साथ उनसे संबंधित हर घटना के दृश्य को आराम से टेलीविजन के पर्दे पर देख सकते हैं।
टेलीविजन से लाभ (Advantages Of Television)
टेलीविजन मनोरंजन का एक अनोखा खजाना है। इसमें तरह-तरह के कार्यक्रम दिखाई जाते हैं। चाहे क्रिकेट हो या फुटबॉल या और तरह के खेल , वो चाहे दुनिया के किसी भी कोने में खेले जा रहे हो। हम उन्हें घर बैठ कर आराम से देख सकते हैं।
टेलीविजन में तरह-तरह के कार्यक्रम दिखाए जाते हैं। जैसे नृत्य , नाटक , सीरियल ,फिल्में , कवि सम्मेलन , मुशायरे आदि अनेक कार्यक्रम टेलीविजन पर दिखाए जाते हैं।
आजकल तो टेलीविजन पर विभिन्न प्रकार के भोजन बनाने की विधियां , हस्तकला से जुड़े सामानों को आसानी से बनाना भी सिखाया जाता है। इसके अलावा टेलीविजन पर विविध विषयों पर चर्चा की जाती है जिनके माध्यम से हमें अनेक जानकारियां मिलती हैं।
टेलीविजन समाज और राष्ट्र को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम है।अच्छे कार्यक्रम दर्शकों के मन में बहुत अच्छा प्रभाव डालते हैं।
चुनाव के वक्त भी टेलीविजन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दहेज प्रथा , ऊंच-नीच , भेदभाव तथा सामाजिक व धार्मिक संकीर्णता को दूर करने के लिए टेलीविजन सबसे सशक्त माध्यम है।
टेलीविजन में प्रसारित होने वाले रामायण और महाभारत जैसे सीरियलों ने हमारी संस्कृति का परिचय हमारे नव युवकों व बच्चों से कराया। इसके माध्यम से हमारे बच्चों ने हमारे पूर्वजों की संस्कृति को जाना व पहचाना।
टेलीविजन का एक और रूप हाल ही में हमारे सामने आया है। वह हैं इसके माध्यम से ऑनलाइन पढाई। टेलीविजन ना सिर्फ मनोरंजन प्रदान करता है बल्कि हाल ही में जब कोरोनावायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन हुआ। और सारे स्कूल कॉलेज बंद हो गए।
तब सरकार ने टेलीविजन के दूरदर्शन चैनल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने की अनोखी पहल की। इसके माध्यम से उन्होंने गणित , विज्ञान , अंग्रेजी , हिंदी विषयों का बेहतरीन शिक्षकों के द्वारा पठन-पाठन जारी रखा। ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान ना होने पाए। और सरकार का यह प्रयास सफल व सराहनीय भी रहा।घर बैठे बैठे दूरदर्शन के माध्यम से हजारों बच्चों ने अपनी पढ़ाई को बिना किसी रूकावट के जारी रखा।
टेलीविजन से हानि (Disadvantages Of Television)
जहां टेलीविजन के हजार सकारात्मक पहलू है। वही टेलीविजन के कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। जहां बड़े बुजुर्गों के लिए टेलीविजन समय काटने का एक अच्छा सा साधन है।
वही बच्चों के लिए टेलीविजन से बहुत समय तक चिपके रहना अच्छा नहीं है।इससे उनकी पढ़ाई का भी नुकसान होता है। और लगातार टेलीविजन देखने से आंखों की रोशनी भी कम होने की संभावना रहती है। समय भी बर्बाद होता है।सीमित समय के लिए टेलीविजन देखना ही बच्चों के हित में है। हाँ अगर कोई ज्ञानवर्धक कार्यक्रम बच्चों को अवश्य देखना चाहिए।
कई बार टेलीविजन के सीरियलों में फूहड़ता अधिक दिखाई जाती है। राजनैतिक या धार्मिक भावनाओं को उत्तेजित करने वाले कार्यक्रमों को भी दिखाया जाता है जिसका समाज के लोगों पर गलत असर पड़ता है।
अधिकतर टीवी सीरियल में सास बहू से संबंधित कार्यक्रमों को दिखाया जाता है जिनमें कई बार घर में लड़ाई-झगड़े व फूट डालने वाले कार्यक्रम को दिखाया जाता है जो लोगों के मन में गलत असर डाल देते है।
समाचार चैनल एक दूसरे से आगे रहने की होड़ में कई बार गलत ख़बरों या सनसनी ख़बरों को प्रसारित कर देते हैं जिसे कई बार अनावश्यक रूप से माहौल खराब हो जाता है।
उपसंहार
टेलीविजन आज घर-घर की आवश्यकता बन गया है। इसने हर घर में एक सदस्य के जैसी भूमिका निभानी शुरू कर दी है जो लोगों के खराब मूड को भी सही कर उनका मनोरंजन करता है।
एक ओर जहां ये बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धक चीजें भी उपलब्ध कराता है। वहीं दूसरी ओर परिवार के प्रत्येक सदस्य का कुछ न कुछ मनपसंद कार्यक्रम अवश्य प्रस्तुत करता है। टेलीविजन में घर के प्रत्येक सदस्य के लिए कुछ ना कुछ मनोरंजक कार्यक्रम अवश्य होता है। इसीलिए टेलीविजन आज घर-घर की आवश्यकता है। इसके बिना अब घर सूना सा लगने लगता है।
टेलीविजन का महत्व निबन्ध
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