Essay on Republic Day in Hindi : गणतंत्र दिवस पर निबन्ध
Essay on Republic Day in Hindi
गणतंत्र दिवस पर निबन्ध
संकेत बिंदु / विषय सूची
- प्रस्तावना
- क्यों मनाया जाता हैं गणतंत्र दिवस
- भारतीय संबिधान की खासियत
- कैसे मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
- राजधानी का गणतंत्र दिवस समारोह होता है खास
- राज्यों की झाकियों होती हैं खास
- उपसंहार
प्रस्तावना
26 जनवरी यानि अपने देश के “गणतंत्र दिवस” का जन्मदिन । 26 जनवरी 1950 , भारत को गौरवान्वित कर देने वाला एक एतिहासिक दिन , जिस दिन भारत को एक लोकतांत्रिक , पूर्ण स्वायत्त गणराज्य देश घोषित कर भारतीय संबिधान को पूरे देश में लागू किया गया।
इसीलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस एक “राष्ट्रीय पर्व” के रूप में पूरे देश में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है।और साथ ह़ी साथ इस दिन यह देश अपने उन अनगिनत वीर सपूतों को भी याद व नमन करता हैं , जिन्होंने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए हँसते हँसते अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया था ।
क्यों मनाया जाता हैं गणतंत्र दिवस
15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली। आजादी मिल जाने के बाद संविधान के निर्माण के लिए एक “संविधान सभा” का गठन किया गया जिसमें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर , सरदार वल्लभ भाई पटेल , डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद , मौलाना अबुल कलाम आजाद , जवाहर लाल नेहरू आदि प्रमुख सदस्य थे।संविधान निर्माण का कार्य 9 दिसंबर 1946 से शुरू किया गया।
संविधान निर्माण के लिये 22 समितियां गठित की गई।जिसमें प्रारूप समिति यानी ड्राफ्टिंग कमेटी ह़ी सबसे महत्वपूर्ण थी जिसके अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर थे । इस समिति का कार्य संविधान का निर्माण करना / संविधान लिखना था।
खास बात यह हैं कि इस समिति ने पूरे संविधान का निर्माण महज “2 वर्ष 11 माह 18 दिन” में ह़ी कर इसे संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को सौंप दिया।
26 जनवरी 1950 को भारत को एक लोकतांत्रिक , पूर्ण स्वायत्त गणराज्य देश घोषित कर दिया गया । और उसी के साथ भारतीय संबिधान निर्माताओं द्वारा तैयार किये गये भारतीय संबिधान को देश भर में लागू किया गया था।इसीलिए यह दिन हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है।
भारतीय संबिधान की खासियत
- पूरे विश्व में भारत का संविधान सबसे बड़ा हस्तलिखित व सबसे बड़ा विस्तृत संविधान हैं। और इसकी खूबी यह हैं कि इसको तैयार करने वक्त भारत की विविधता ( सांस्कृतिक , धार्मिक , भौगोलिक स्थितियां ) का ध्यान भी रखा गया हैं।
- यह दुनिया का सबसे बड़ा हस्तलिखित संविधान हैं।लेकिन इसे महज 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में ह़ी तैयार कर लिया गया। साथ ह़ी साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंंत्र भी हैं।
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना के अनुसार भारत एक “संधीय , समाजवाद , धर्म निरपेक्ष व लोकतांत्रिक गणराज्य” हैं।
- सारनाथ अभिलेख (अशोक स्तंभ) से लिए गये भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों (शेर , अशोक चक्र, सांड और धोड़े ) को 26 जनवरी 1950 को ही अपनाया गया।
- भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार डॉक्टर भीमराव अंबेडकर थे।जो प्रारूप समिति के अध्यक्ष भी थे।इसीलिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को “भारतीय संविधान का पिता / निर्माता “ कहा जाता हैं।
कैसे मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
उगते सूरज की लालिमा के साथ ही हमारा प्यारा तिरंगा हवा में लहराने लगता है। सारा वातावरण देशभक्ति के गीतों से गूंज उठता है। हर मन में देशभक्ति की ज्वाला फिर से जलने लगती है।हाड़ कंपाती ठंड में भी बड़े उत्साह , उमंग के साथ छोटे बडे सभी बच्चे स्कूल में पहुंचते हैं।
और अपने गुरुजन व साथियों के साथ ध्वजारोहण करते हैं। स्कूल , कॉलेजों में तो गणतंत्र दिवस की शान ही निराली होती है। बच्चे व शिक्षकगण इकट्ठे होकर राष्ट्रीय गीत व राष्ट्रीय गान गाते हैं।
Republic Day को स्कूलों में बच्चों द्वारा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम को प्रस्तुत किया जाता हैं।साथ ह़ी साथ अनेक तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।जैसे वाद्विवाद प्रतियोगिता , निबन्ध प्रतियोगिता व चित्रकला प्रतियोगिता व खेल प्रतियोगिताओं आदि। तथा जीतने वालों को पुरुस्कार भी दिया जाता हैं।कही कही पर कवि सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाता है
सभी बच्चों को मिठाईयों तथा फल वितरित किये जाते हैं।स्कूलों में बच्चों द्वारा वंदे मातरम , जय भारत जय हिन्द , भारत माता की जय के उद्घोष से पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग जाता है।
पूरे भारत वर्ष में गणतंत्र दिवस का यह उत्सव बड़े उत्साह , उमंग व जोश के साथ , हर धर्म , हर जाति के लोग आपस में सभी भेदभाव भूलकर एक साथ मिलकर मनाते हैं।
वैसे तो इस दिन सभी सरकारी कार्यालय व प्राइवेट संस्थान बंद रहते हैं।लेकिन ध्वजारोहण सभी सरकारी इमारतें व दफ्तरों , सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थाओं , कंपनियों तथा घरों में किया जाता हैं।तथा राष्ट्रगान गाया जाता है।
राजधानी का गणतंत्र दिवस समारोह होता है खास
वैसे तो हमारे देश के कोने कोने में Republic Day बड़े धूम-धाम व उत्साह से मनाया जाता है।लेकिन भारत की राजधानी दिल्ली की तो बात ह़ी कुछ और हैं।यहाँ पर आयोजित की जाने वाली भब्य परेड व देशभर से आयी झाकियों तो लोगों का मन मोह लेती हैं।सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री इंडिया गेट स्थित “अमर जवान ज्योति” जाकर भारत माँ के वीर सपूतों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत के राष्ट्रपति महोदय द्वारा भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है।तथा इसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्र गान गाया जाता हैं।
इस दिन भारत के राष्ट्रपति महोदय अपने सुरक्षा बलों के साथ व गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के साथ राजपथ पर आते हैं। जहां उनका स्वागत प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है।
गणतंत्र दिवस के दिन भारतीय सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक उपकरणों व हथियारों का प्रदर्शन किया जाता है।और भारतीय वायु सेना द्वारा आसमान में हैरतअंगेज कर देने वाले करतब दिखाए जाते हैं।
गणतंत्र दिवस के दिन स्कूली बच्चों के द्वारा विभिन्न प्रकार के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व अनेक लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।इस अवसर पर देश और विदेश के गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाता है।
सभी केंद्रीय कार्यालयों , राष्ट्रपति भवन को सजाया जाता है। रात में तो इन सरकारी भवनों , राष्ट्रपति भवन तथा अन्य बड़ी-बड़ी इमारतों में होने वाली रोशनी की छटा को देखने में बड़ा आनंद आता है। क्योंकि इन सब को खूबसूरत रोशनी से सजाया जाता है
राज्यों की झाकियों होती हैं खास
दिल्ली में होने वाले इस भब्य आयोजन का मुख्य आकर्षण विभिन्न राज्यों से आयी झाकियों होती हैं।हर राज्य की झांकी में उस राज्य की विशेषता व वहां के लोगों का रहन-सहन व वेशभूषा ,लोकगीत , संस्कृति को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया जाता है।भारत की “विविधता में भी एकता की संस्कृति” को यहाँ पर बखूबी दिखाया जाता है।
देश और विदेश से आये गणमान्य व्यक्तियों के साथ साथ भारत के कोने कोने से राजपथ पर इकठ्ठा हुए लोग इन रंगारंग कार्यक्रमों का खूब आनन्द उठाते हैं।
उपसंहार
इस दिन पूरे भारत में पूर्व से लेकर पश्चिम तक , उत्तर से लेकर दक्षिण तक , गांव से लेकर शहर तक , हर जगह देशभक्ति के ह़ी गीत सुनाई देते हैं। पूरा भारत देशभक्ति के रंग में रंग जाता है।यह दिन सभी भारतवासियों के लिए एक ऐतिहासिक , सम्मानीय और गर्व से भरा दिन होता है।
हमारा गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय भावना और आनंद से भरपूर ऐतिहासिक पर्व है।यह दिन हमारे देश की अनेकता में एकता का प्रतीक भी है।
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