Savaiya Aur Kavitt Class 10 Question Answer :प्रश्नोत्तर

Savaiya Aur Kavitt Class 10 Question Answer ,

Savaiya Aur Kavitt Class 10 Question Answer Hindi Kshitij Bhag 2 Chapter 3 , देव के सवैया और कवित्त के प्रश्न उत्तर कक्षा 10 हिन्दी क्षितिज भाग 2 पाठ 3 

Savaiya Aur Kavitt Class 10 Question Answer

देव के सवैया और कवित्त के प्रश्न उत्तर

Note –

  1. देव के सवैया और कवित्त” के MCQS पढ़ने के लिए Link में Click करें – Next Page
  2. देव के सवैया और कवित्त” का भावार्थ पढ़ने के लिए Link में Click करें – Next Page
  3. देव के सवैया और कवित्त के भावार्थ को हमारे YouTube channel  में देखने के लिए इस Link में Click करें।YouTube channel link – ( Padhai Ki Batein / पढाई की बातें)

प्रश्न 1.
कवि ने “श्रीब्रजदूलह” किसके लिए प्रयुक्त किया है और उन्हें संसार रूपी मंदिर का दीपक क्यों कहा है ?
उत्तर-

कवि देव ने “श्रीब्रजदूलह” शब्द भगवान श्री कृष्ण के लिए प्रयोग किया है।

कवि कहते हैं कि जिस प्रकार मंदिर में जला एक दीपक सारे अंधकार को दूर भगा कर मंदिर को प्रकाशमान करता है। ठीक उसी प्रकार भगवान श्री कृष्ण भी इस संसार रूपी मंदिर में एक दीपक की भांति हैं जो अपने ज्ञान के प्रकाश से पूरे संसार को प्रकाशित करते हैं और सदैव सबकी सहायता करने के लिए तत्पर रहते हैं।

प्रश्न 2.
पहले सवैये में से उन पंक्तियों को छाँटकर लिखिए जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है ?
उत्तर-

अनुप्रास अलंकार

  1. “कटि  किंकिनि  कै  धुनि  की  मधुराई” । यहां पर “क” वर्ण की आवृत्ति बार-बार हो रही है।
  2. “साँवरे  अंग  लसै  पट  पीत” । यहां पर “प” वर्ण की आवृत्ति बार-बार हो रही है।
  3. “हिये  हुलसै  बनमाल  सुहाई”। यहां पर “ह” वर्ण की आवृत्ति बार-बार हो रही है।
रूपक अलंकार
“मंद  हँसी  मुखचंद  जुन्हाई”। (मुख चन्द्रमा के समान हैं )
जै  जग – मंदिर – दीपक  सुंदर “। (संसार रूपी मंदिर)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पंक्तियों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। 

“पाँयनि नूपुर मंजु बजें, कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई।
साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।।”

उत्तर-

उपरोक्त पंक्तियों में कवि ने श्री कृष्ण के मनमोहक रूप सौंदर्य का वर्णन किया है। कृष्ण के पैरों की पायल और कमर में बंधी करधनी से बड़ी ही मनमोहक ध्वनि निकल रही है। कृष्ण के सांवले शरीर में पीले रंग के वस्त्र व गले में वैजयंती पुष्पों की माला उनकी शोभा में चार चाँद लगा रहे हैं।

इन पंक्तियों में ब्रज भाषा का प्रयोग किया है जो काव्य को मधुरता प्रदान करते है। “कटि  किंकिनि  कै  धुनि  की  मधुराई” में अनुप्रास अलंकार का बड़ा सुंदर प्रयोग किया गया हैं। काव्य की इन पंक्तियों में लयात्मकता और संगीतात्मकता है। तत्सम शब्दों का भी सुंदर प्रयोग किया गया है।

प्रश्न 4.
दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर-

आमतौर पर जब भी बसंत ऋतु के बारे में किसी काव्य में वर्णन किया जाता है तो पेड़ों की डालियों में नए पत्तों का निकलना , बाग बगीचे में रंग बिरंगे फूलों का खिलना व फूल-फूल भौरों का मंड़राना , मस्त पवन का बहना , चारों तरफ हरियाली के छाने से धरती का पुनः नया श्रृंगार करना  , बागों में झूले पडना और नायक -नायिका के मिलन व मौज मस्ती आदि का वर्णन किया जाता है।

जबकि देव द्वारा रचित इस कवित्त में बसंत को कामदेव महाराज के नन्हे शिशु के रूप में दिखाया गया है। जिस तरह घर में कोई नया शिशु जन्म लेता है तो घर के सभी सदस्य उसकी देखभाल में जुट जाते हैं। उसे तरह-तरह से खुश करने की कोशिश करते हैं।

ठीक उसी प्रकार बसंत के आगमन पर प्रकृति उनके लिए पेड़ों की डालियों के पालने में नई-नई कोमल पत्तियों के बिछौने बिछाकर उनका स्वागत करती हैं। उन्हें रंग बिरंगी फूलों का ढीला ढला वस्त्र पहनाती है। तोते , मोर , कोयल उसका तरह-तरह से मनोरंजन करते हैं और कमल की कली अपने पराग कणों के नमक , राई से उसकी नजर उतारती हैं। और गुलाब की कली चुटकी बजाकर उसे सुबह सवेरे बड़े प्यार से जगाती है।

प्रश्न 5.
प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै”। इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-

कवि कहते हैं कि गुलाब की कली सुबह-सुबह नन्हे शिशु बसंत को चुटकियों बजा-बजाकर बड़े प्यार से जगाती है। दरअसल सुबह गुलाब की कली खिलने से पहले चटकती हैं जिसे कवि ने चुटकियों बजाने के अर्थ में लिया है।

प्रश्न 6.
चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है ?
उत्तर-

चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने निम्न रूपों में देखा है।

  1. आकाश में फैली चाँदनी को स्फटिक पत्थर से बने मंदिर के रूप में देखते हैं।
  2. चारों तरफ फैली चाँदनी की तुलना कवि दही के समुंदर से करते हैं।
  3. कवि आकाश में फैली चाँदनी की तुलना आँगन में फैले दूध के झाग से करते हैं।
  4. कवि को चाँदनी रात में आकाश के तारे भी सुंदर सुसज्जित खड़ी किशोरियों की भाँति दिखाई दे रहे हैं ।

प्रश्न 7.
“प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद”।  इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है ?
उत्तर-

चाँदनी रात में कवि को पूरा आकाश किसी दर्पण की भाँति लग रहा है। और पूर्णमासी का पूरा चांद उस दर्पण में चाँद नही , बल्कि राधारानी के प्रतिबिंब के समान प्रतीत हो रहा हैं।

यहाँ पर कवि ने चाँद की तुलना राधा से न कर , उसके प्रतिबिंब से की हैं। अर्थात कवि ने राधारानी को चाँद से भी श्रेष्ठ बताया हैं। इसीलिए यहाँ व्यतिरेक अलंकर हैं।

प्रश्न 8.
तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है ?
उत्तर-

कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए स्फटिक पत्थर से बने मंदिर , दूध का झाग , दही का समुंदर , दर्पण की स्वच्छता आदि उपमानों का प्रयोग किया है।

प्रश्न 9.
पठित कविताओं के आधार पर कवि देव की काव्यगत विशेषताएँ बताइए ।
उत्तर-

  1. काव्य में ब्रजभाषा का बहुत ही सुंदर प्रयोग किया है।
  2. सवैया और कवित्त , दोनों में ही छंदों का प्रयोग किया गया है।
  3. तत्सम शब्दों का प्रयोग किया गया है जिससे काव्य की सुंदरता बढ़ जाती है।
  4. मानवीकरण , उपमा , रूपक आदि अलंकारों का काव्य में सुंदर प्रयोग किया है।
  5. कवि ने प्रकृति का बहुत ही सजीव व सटीक चित्रण किया है।
  6. अन्य कवियों से हटकर , कवि देव ने बसंत ऋतु को एक अलग रूप में (महाराज कामदेव के शिशु) प्रस्तुत किया हैं।

Savaiya Aur Kavitt Class 10 Question Answer

देव के सवैया और कवित्त के भावार्थ को हमारे YouTube channel  में देखने के लिए इस Link में Click करें।YouTube channel link – (Padhai Ki Batein / पढाई की बातें)

Note – Class 8th , 9th , 10th , 11th , 12th के हिन्दी विषय के सभी Chapters से संबंधित videos हमारे YouTube channel  (Padhai Ki Batein / पढाई की बातें)  पर भी उपलब्ध हैं। कृपया एक बार अवश्य हमारे YouTube channel पर visit करें । सहयोग के लिए आपका बहुत – बहुत धन्यबाद।

You are most welcome to share your comments . If you like this post . Then please share it . Thanks for visiting.

यह भी पढ़ें……

कक्षा 10 हिन्दी

कृतिका भाग 2 

माता का आँचल का सारांश

 माता का ऑचल पाठ के प्रश्न व उनके उत्तर

माता का ऑचल पाठ के MCQ

जार्ज पंचम की नाक का सारांश

जार्ज पंचम की नाक के प्रश्न उत्तर

जार्ज पंचम की नाक के MCQ

साना साना हाथ जोड़ि का सारांश 

साना साना हाथ जोड़ि के प्रश्न उत्तर

साना साना हाथ जोड़ि के MCQS

कक्षा 10 हिन्दी क्षितिज भाग 2 

पद्य खंड 

सूरदास के पद का भावार्थ 

सूरदास के पद के प्रश्न उत्तर

सूरदास के पद के MCQ

सवैया व कवित्त कक्षा 10 का भावार्थ

सवैया व कवित्त कक्षा 10 के प्रश्न उत्तर

सवैया व कवित्त कक्षा 10 के MCQ

आत्मकथ्य कविता का भावार्थ कक्षा 10

आत्मकथ्य कविता के प्रश्न उत्तर

उत्साह कविता का भावार्थ व प्रश्न उत्तर

अट नही रही हैं कविता का भावार्थ व प्रश्न उत्तर

उत्साह व अट नही रही हैं के MCQS

कन्यादान कक्षा 10 का भावार्थ

कन्यादान कक्षा 10 के प्रश्न उत्तर

कन्यादान कक्षा 10 के MCQ

राम लक्ष्मण परशुराम संवाद पाठ का भावार्थ

राम लक्ष्मण परशुराम संबाद के प्रश्न उत्तर

राम लक्ष्मण परशुराम संबाद के MCQ

छाया मत छूना कविता का भावार्थ

छाया मत छूना के प्रश्न उत्तर

छाया मत छूना के MCQ 

संगतकार का भावार्थ

संगतकार के प्रश्न उत्तर

संगतकार के MCQ

फसल का भावार्थ व प्रश्न उत्तर

फसल के MCQS 

यह दंतुरित मुस्कान का भावार्थ

यह दंतुरित मुस्कान के प्रश्न उत्तर

यह दंतुरित मुस्कान के MCQ 

कक्षा 10 हिन्दी क्षितिज भाग 2 

गद्द्य खंड 

लखनवी अंदाज पाठ सार कक्षा 10  हिन्दी क्षितिज

लखनवी अंदाज पाठ के प्रश्न व उनके उत्तर

लखनवी अंदाज पाठ के प्रश्न MCQ

बालगोबिन भगत पाठ का सार

बालगोबिन भगत पाठ के प्रश्न उत्तर

बालगोबिन भगत पाठ के MCQ 

नेताजी का चश्मा” पाठ का सारांश

नेताजी का चश्मा” पाठ के प्रश्न व उनके उत्तर

नेताजी का चश्मा” पाठ के MCQ

मानवीय करुणा की दिव्य चमक का सारांश 

मानवीय करुणा की दिव्य चमक के प्रश्न उत्तर

मानवीय करुणा की दिव्य चमक के MCQ

एक कहानी यह भी का सारांश

एक कहानी यह भी  के प्रश्न उत्तर