QUARANTINE :घर में खुद को क्वारंटाइन कैसे करें

HOW TO QUARANTINE YOURSELF AT HOME , घर में खुद को क्वारंटाइन कैसे करें ?

HOW TO QUARANTINE YOURSELF AT HOME : पूरी दुनिया आज कोरोना वायरस के कहर से भयभीत है।दुनिया के लगभग सारे देश कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं। फिर भी कोरोना वायरस तेजी से पांव पसारता जा रहा है। कोरोना वायरस के मामले में सबसे बड़ी और दुखद बात यह है कि दुनिया के किसी भी देश के पास इससे संबंधित न तो कोई वैक्सीन है और ना ही कोई दवा।

हालांकि इससे संबंधित दवा/वैक्सीन बनाने का दावा अमेरिका ने जरूर किया है।लेकिन उसको भी कई परीक्षणों से गुजरना पड़ेगा।बाजार में आने और लोगों तक पहुंचने में बहुत वक्त लगेगा। 

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी में सावधानी ही बचाव है। इसीलिए WHO के साथ साथ भारत सरकार ने लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए कुछ गाइडलाइन जारी किए हैं।जैसे संक्रमित लोगों से दूर रहें , हो सके तो भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचकर रहें , जरूरी ना हो तो यात्रा ना करें , बार बार साबुन से हाथ धोएं , बेवजह घर से बाहर न निकलें , अगर घर से बाहर जाना पड़े तो मास्क पहनकर ही जाए। 

जबसे कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ा है। तब से क्वारंटाइन शब्द आपने बहुत सुना होगा। क्या आप जानते हैं कि यह क्वारंटाइन होता क्या है ?

क्वारंटाइन का अर्थ

क्वारंटाइन का अर्थ हैं “कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों से अपने आपको अलग करना या पृथक करना”।यानी अगर आपके घर में कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाता है। तो उस व्यक्ति के संक्रमण से आप अपने आपको और परिवार के अन्य सदस्यों को अलग कर या पृथक कर सबका बचाव कर सकते हैं। इसी को क्वारंटाइन कहते हैं।

किसी भी व्यक्ति को अगर कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं , तो उसके लिए सबसे बेहतरीन उपाय है होम क्वारंटाइन। होम क्वारंटाइन को सरल शब्दों में कहें तो इसका मतलब है अपने घर में रहते हुए अपने आपको परिवार के अन्य सदस्यों से अलग कर लेना।

अगर आपको कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदेह है। या फिर सर्दी जुखाम भी हुआ है तो आप खुद को अपने घर के ही एक कमरे में अलग कर लें। इससे आपके परिवार में किसी और को कोरोना वायरस संक्रमण होने का खतरा नही होगा। इसे होम क्वारंटाइन कहते हैं।

क्वारंटाइन संक्रमण से संबंधित सभी बीमारियों के लिए लागू होता है। 

घर में खुद को क्वारंटाइन कैसे करें (HOW TO QUARANTINE YOURSELF AT HOME )

भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ ने इसके लिए कुछ गाइडलाइंस को जारी किया है जिनके अनुसार 

  1.  अगर परिवार का कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। यह जानकारी होने पर उस व्यक्ति की परिवार के अन्य व्यक्तियों से दूरी बनानी आवश्यक है। 
  2. संक्रमित व्यक्ति को घर के अंदर ही एक ऐसे कमरे में रखना चाहिए जिसमें टॉयलेट और बाथरूम की सुविधा हो। ताकि उस व्यक्ति को अपने दैनिक कार्यों के लिए कमरे से बाहर ना आना पड़े। 
  3.  संक्रमित व्यक्ति की देखभाल के लिए अगर संभव हो तो, किसी प्रशिक्षित व्यक्ति को ही रखना चाहिए।या घर का कोई ऐसा व्यक्ति जो इस संबंध में थोड़ी बहुत जानकारी रखता हो। अगर वह रोगी की देखभाल करें तो ज्यादा बेहतर होगा। 
  4.  घर के बड़े बुजुर्ग , बच्चों , गर्भवती महिलाओं को संक्रमित व्यक्ति के पास नहीं जाना चाहिए।
  5. खासकर उन लोगों को संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना चाहिए जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो।
  6. संक्रमित व्यक्ति को घर या बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति से मिलने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। क्योंकि यह बीमारी हाथ छूने से , गले लगने से या किसी भी तरह के संपर्क में आने से संक्रमित होती है। 
  7.  ऐसे व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों में , भीड़भाड़ वाले स्थानों में , शादी-ब्याह जैसे समारोह में या किसी भी अन्य तरह के समारोह में जाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।  यथासंभव ऐसे लोगों को ठीक होने तक घर में कमरे के अंदर ही रहना चाहिए। 
  8.  संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी एक से डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर रखनी चाहिए। और हमेशा मास्क और दस्ताने पहनकर ही रोगी की देखभाल करनी चाहिए।
  9. अगर संक्रमित व्यक्ति के कमरे में कोई और व्यक्ति उसके साथ रह रहा है तो , कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाकर रखें। 
  10. संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली किसी भी वस्तु को तुरंत नष्ट कर देना चाहिए।
  11. घर का कोई अन्य सदस्य संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं का इस्तेमाल ना करें। इससे संक्रमण होने की संभावना ज्यादा रहती है। 
  12.  संक्रमित व्यक्ति को हमेशा मास्क पहन कर ही रखना चाहिए। 
  13.  अगर घर के किसी अन्य सदस्य को संक्रमण हो जाए तो , तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में फोन करना चाहिए। जिसका नंबर है 011-23978046 .

क्वारंटाइन शब्द की उत्पत्ति

क्वारंटाइन लैटिन भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ है चालीस।दरअसल इस शब्द की उत्पत्ति ब्रिटेन में प्लेग रोग को फैलने से रोकने के लिए की गई। उस समय लंबी यात्रा से लौटने वाले जहाजों में अगर किसी यात्री के रोगी होने या जहाज पर लदे माल में रोग के कीटाणुओं के होने का संदेह होता था। तो जहाज को बंदरगाह से काफी दूर 40 दिन तक रोक दिया जाता था। उस समय इसे क्वारंटीन कहा जाता था।

इस तरह के जहाजों को 40 दिन तक बंदरगाह से दूर रहना पड़ता था। और जहाज में सवार सभी लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जाती थी।40 दिन तक अगर सभी लोग स्वस्थ हैं तो ऐसे में जहाज का कप्तान पीला झंडा दिखा कर सबके स्वस्थ होने की सूचना देता था। आज भी यह व्यवस्था लागू है। 

धीरे-धीरे इस शब्द का इस्तेमाल ऐसे मनुष्य या पशुओं के लिए भी होने लगा। जो संक्रमण के रोग से पीड़ित हो। संक्रमित रोगियों या पशुओं को अन्य लोगों से एक निश्चित अवधि के लिए अलग रखा जाने लगा। ताकि संक्रमित व्यक्ति या पशुओं से अन्य लोगों को यह रोग ना फैले।इसे  क्वारंटीन कहा जाने लगा।

पहले संक्रमित रोगियों या पशुओं को एक निश्चित अवधि तक अन्य व्यक्तियों से दूर रखा जाता था।लेकिन आज के समय में क्वारंटीन का समय किसी रोग विशेष के संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक समय के अनुसार निर्धारित किया जाता है।

जैसे कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिये क्वारंटीन का समय 14 दिन का हैं। हैजा , चेचक , टाइफाइड ,प्लेग आदि रोगों के लिए खासकर क्वारंटाइन शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। 

आज भी यह व्यवस्था लागू हैं। अंतरराष्ट्रीय बंदरगांहों , हवाई अड्डों  , दो देशों की सीमाओं के बीच आने जाने वाले लोगों की अंतर्राष्ट्रीय क्वारंटीन जांच की जाती है। खासकर विदेशों से आने वाले जहाजों पर इससे संबंधित जांच होती हैं। इसी तरह हवाई यात्रा करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जाती हैं।

हालांकि इस संबंध में दुनिया के अलग-अलग देशों के अलग-अलग नियम और कानून हैं। कुछ देशों में तो वृक्ष और पशुओं का भी क्वारंटाइन होता है जिनमें अमेरिका , कनाडा और ऑस्ट्रेलिया मुख्य हैं। और इनका वहां पर कठोरता पूर्वक पालन किया जाता है।

दूसरे देशों से आने वाले वृक्षों या फलों से अगर कोई रोग या जहरीले कीड़े आने की संभावना हो तो , उसे तत्काल नष्ट कर दिया जाता है। ताकि उस देश के वृक्षों में उस तरह का संक्रमण ना फैल।इसी तरह पशु में भी क्वारंटाइन लागू किया जाता है ताकि अन्य पशु संक्रमित ना हो। 

भारत में अभी Stage-2 में है कोरोना वायरस

भारत में कोरोना वायरस अभी Stage-2 में है।यानी भारत में संक्रमण तो है लेकिन अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग जगहों पर लोग इससे संक्रमित हैं।लेकिन अगर यही संक्रमण एक पूरी कम्युनिटी में फैल जाए तो , वह Stage-3 माना जाता है। और जिसको कंट्रोल करना आसान नहीं होता।इसीलिए सरकार यह नहीं चाहती कि यह स्टेज 3 में चला जाए।

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार हर तरह की सावधानियां बरत रही हैं।आप सिर्फ अपने आप और अपने परिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बचा कर ही इस लड़ाई में अपना योगदान दे सकते हैं।HOW TO QUARANTINE YOURSELF AT HOME के नियमों का पालन कर आप खुद भी सुरक्षित रह सकते हैं और अपने परिजनों को भी सुरक्षित रख सकते हैं। 

HOW TO QUARANTINE YOURSELF AT HOME , घर में खुद को क्वारंटाइन कैसे करें ?

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