CORONA VIRUS A PANDEMIC :कोरोना वायरस महामारी घोषित

CORONAVIRUS A PANDEMIC ,WHO Declares Corona virus a Pandemic , कोरोना वायरस को WHO ने महामारी घोषित किया , बीमारी महामारी कब घोषित की जाती हैं। 

CORONA VIRUS A PANDEMIC

पिछले लगभग 3 महीने से पूरे विश्व को कोरोना वायरस ने बुरी तरह से डरा दिया है। चीन में जन्मा यह वायरस अब भारत सहित दुनिया के लगभग 115 देशों के लोगों के लिए जानलेवा बन गया है। कोरोना वायरस से होने वाली काँविड़-19 (COVID-19) जैसी जानलेवा बीमारी को अब वैश्विक स्तर पर WHO ने महामारी (CORONA VIRUS A PANDEMIC ) घोषित किया हैं।

अभी तक लगभग एक लाख तीस हजार लोगों में इस वायरस की पुष्टि की जा चुकी है। करीबन 4,800 लोगों की मौत हो चुकी है। और करीबन 70,000 लोग अभी भी इसकी चपेट में है।

और मौत का यह आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जिस कारण अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) ने इसे महामारी (Pandemic ) घोषित कर दिया है।विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि “हमारे आकलन के मुताबिक COVID-19 अब महामारी का रूप ले चुका है। और हम पूरी दुनिया में फैल रहे इस वायरस की सक्रियता से चिंतित है। अब यह खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है”। 

यह बीमारी पहले सिर्फ चीन में ही थी। लेकिन बाद में एक एक कर दुनिया के कई देश इसकी चपेट में आ गये है। इसी कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी (CORONA VIRUS A PANDEMIC ) घोषित करने में कुछ समय लगाया। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस महामारी घोषित (WHO Declares Corona virus a Pandemic) 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने का मुख्य कारण ये  है। 

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने का मुख्य कारण यह है कि पूरी दुनिया के लोग तथा वहां की सरकारें इस बीमारी को गंभीरता से लें। और अपने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करें।उन्हें इस बीमारी से लड़ने की जानकारी दें यानी इस बीमारी से लड़ने की पूरी तैयारी समय रहते की जा सके। जिससे मृत्यु दर को नियंत्रित या कम किया जा सके। 
  • इसका दूसरा उद्देश्य डब्ल्यूएचओ द्वारा दुनिया के सभी देशों को स्थानीय , राज्य स्तर व पूरे देश में उच्च स्तरीय मेडिकल आपातकालीन योजनाएं को लागू करने के लिए प्रेरित किया जाता है। ताकि देश के सभी लोग सुरक्षित रह सकें। 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि “कुछ देश क्षमता की कमी से जूझ रहे हैं। कुछ देश संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं , तो कुछ देश इच्छाशक्ति की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में इस बीमारी के खिलाफ कुछ प्रभावी कदम उठाने जरूरी है”। 
  • WHO चाहता है कि सभी देश इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएँ। आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लागू किया जाए और इसकी क्षमता बढ़ाई जाए।लोगों को इसके संभावित खतरों व बचाव के बारे में बताया जाए।
  • कोरोना वायरस संक्रमण के हर मामले को खोजें और उनका टेस्ट करें। इलाज करें और उनसे संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान करें। 
  • पूरे विश्व में इस बीमारी का फैलाव , बढ़ते संक्रमण व मृत्यु दर को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था। वैसे WHO काफी समय से इस बीमारी पर नजर रखे हुए था। क्योंकि जरा सी चूक भी महा विनाश का कारण बन सकती है। 

 विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष टैड्रोस एडनोम गैब्रेयेसस ने कहा है कि “

  1. डब्ल्यूएचओ इस घातक वायरस के प्रकोप का आकलन कर रहा है। हम इसके खतरनाक तरीके से फैलने और निष्क्रियता के खतरनाक स्तर , दोनों से गहराई से चिंतित हैं। इसीलिए हमने आकलन किया है कि #COVID19 को महामारी के रूप में पहचाना जा सकता है। 
  2. इस बीमारी पर गंभीरता से विचार करने व इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने और पूरे विश्व को इससे जागरूक रहने की जरूरत है। हालांकि अभी तक इसे तेजी से फैलने से रोकने का कोई ठोस तरीका ढूंढा नहीं जा सका है”। 

बीमारी महामारी कब घोषित की जाती हैं। 

(When A disease is declared a Pandemic )

डब्ल्यूएचओ द्वारा विश्व स्तर पर किसी बीमारी को महामारी घोषित करने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखा जाता है। जैसे बीमारी कितनी जल्दी फैल रही हैं , उससे होने वाली मौतों का आंकड़ा ,काबू पाने में कठिनाई ,अधिक लोगों का जीवन संकट में आ जाने से , दुनिया के कई देश में इसका फैलाव आदि।

महामारी शब्द का इस्तेमाल सिर्फ उन बीमारियों के लिए किया जाता है जो संक्रमणकारी होती हैं। और जो बेहद तेजी से और लोगों के एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलती हैं। और दुनिया के कई देशों में एक साथ फैल जाती हैं। 

जब ये स्थितियों बन जाती हैं तो पूरी दुनिया को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए उसे महामारी घोषित कर दिया जाता है।

कोरोना वायरस से होने वाली काँविड-19 बीमारी भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक बड़ी तेजी से फैल रही है। यह संक्रमण की बीमारी है।दुनिया के अधिकतर देशों के नागरिक इसकी चपेट में हैं। और यह तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है।

सबसे दुखद बात यह है कि दुनिया के किसी भी देश के पास इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है। न ही इसके लिए कोई वैक्सीन या दवाई है जिसके कारण लोग तेजी से मौत के मुंह में समा रहे हैं। इसीलिए इसे महामारी घोषित किया गया है। 

महामारी फैलने की संभावना तब और अधिक हो जाती है। जब वायरस एकदम नया व अनजाना हो। और उससे निपटने के लिए दुनिया के किसी देश के पास कोई वैक्सीन या दवाई ना हो। ऐसी दशा में वायरस आसानी से लोगों के एक दूसरे के संपर्क में आने से और अधिक फैल जाता है। और घातक स्तर पर पहुंच जाता है।

शायद कोरोना वायरस लगभग इन सभी मापदंडों पर खरा उतर चुका है। इसीलिए इसे महामारी घोषित किया गया है। 

क्या है कोरोना वायरस (What is Corona virus)

कोरोना वायरस भी वायरस परिवार का एक सदस्य है।जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से संक्रमित हो जाता है। इसके संक्रमण से जुखाम और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है।

हालांकि यह वायरस दुनिया के लिए बिल्कुल नया है।इस वायरस का नाम 30 दिसंबर 2019 में सबसे पहले चीन के वुहान शहर में सुनाई दिया। 

ऐसा कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म है।कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है। हालांकि इसका प्रभाव बहुत बड़ा व भयानक है। इस आकार में छोटे से वायरस ने पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। 

COVID-19 या कोविड-19 में “को का मतलब कोरोना” , “वि का अर्थ है वायरस” और “डी का अर्थ है डिजीज” यानी कोरोना वायरस डिजीज।और यह 2019 में अस्तित्व में आया इसलिए इसे COVID-19 कहा गया है।

कहा जा रहा है कि यह वायरस अधिक गर्मी में जीवित नहीं रहता हैं। यानी तापमान बढ़ने के साथ ही यह वायरस खुद-ब-खुद खत्म हो जाता है। इसीलिए गर्मी बढ़ने के साथ-साथ यह वायरस खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा। 

कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने से दुनिया में पडने वाले प्रभाव 

(Effect After Declared Corona virus a Pandemic) 

कोरोना वायरस से होने वाली काँविड़-19 जैसी जानलेवा बीमारी को अब वैश्विक स्तर पर महामारी घोषित किया हैं। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। और दुनिया के कुछ देशों ने अपने लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ अहम फैसले भी ले लिए हैं। 

  • कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद भारत सरकार के द्वारा भी कुछ अहम फैसला लिये गये। भारत सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी पर्यटन वीजा को रद्द कर दिया है। यानी विदेशी नागरिकों का भारत में आने पर पूरी तरह से रोक लगा दी हैं। 
  • इस प्रतिबंध से केवल राजनायिकों ,उच्च अधिकारीयों , संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को छूट मिलेगी। यह प्रतिबंध 13 मार्च 2020 से ही लागू किया गया है। 
  • सरकार ने भारतीय नागरिकों को कठोरता पूर्वक सलाह दी है कि वो गैरजरूरी विदेशी यात्राएं ना करें। अगर नागरिक कहीं से भी यात्रा करके वापस लौटते हैं तो उन्हें कम से कम 14 दिन तक लोगों से अलग रखा जा सकता है। 
  • भारत आने के इच्छुक सभी विदेशी नागरिकों को भारत आने से पहले भारतीय दूतावास में संपर्क करना आवश्यक कर दिया गया है। 
  • प्रधानमंत्री ने स्वयं आगे आकर लोगों से अपील की , कि सिर्फ जरूरी यात्रा ही करें।जरूरी न हो तो यात्रा करने से बचें।कुछ समय तक अपने घर पर ही रहें।
  •  भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
  • कोरोनावायरस के संदिग्ध व्यक्तियों से एक निश्चित दूरी बनाकर रखें।
  • इसके अलावा अमेरिका सहित दुनिया के कुछ देशों ने भी इसे महामारी घोषित होने के बाद पर्यटन वीजा पर रोक लगा दी है। और अन्य जरूरी व सख्त कदम उठाये हैं। 
  •  इटली ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए अपने यहां पूरी तरह लाँक डाउन घोषित कर दिया है।
  • खाड़ी देशों ने भी अपने यहां विदेशियों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। 
  • महामारी घोषित होने के बाद कोरोना वायरस का वैक्सीन व द्वाइयाँ बनाने का काम तेजी से होगा।  

महामारी कितने तरह की होती है।

महामारी 3 तरह की होती है।

  1. एंडेमिक महामारी (Endemic) :-  एंडेमिक महामारी जब कोई बीमारी मौसम की वजह से किसी देश विशेष , या किसी देश के कुछ विशेष स्थानों पर फैलती है। और उन्हीं स्थानों के लोगों को प्रभावित करती है।यह बीमारी गंभीर तो होती है। परन्तु इसमें मृत्यु का आंकड़ा भी सीमित होता है। जैसे मलेरिया , अफ्रीकन स्लीपिंग सिकनेस या स्मॉल पॉक्स आदि । 
  2. एपिडेमिक महामारी (Epidemic ) :- ऐसी बीमारी जो किसी देश विशेष या क्षेत्र विशेष , समुदाय विशेष और उसके आसपास के इलाकों के लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। उसे एपिडेमिक महामारी कहते हैं। जैसे अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में इबोला वायरस ने एक समय पर काफी लोगों की जान ली थी। इसके अलावा एशियाई फ़्लू , द थर्ड काँलरा आदि। 
  3. पैंडेमिक महामारी (Pandemic ):- ऐसी बीमारी जो किसी स्थान विशेष से जन्म लेकर पूरी दुनिया में फैल जाती है। और दुनिया के अधिकतर देशों के लोग इसकी चपेट में आ जाते है।इसमें मौत का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ने लगता है तो उसे वैश्विक स्तर पर महामारी घोषित किया जाता है। कोरोना वायरस ,एड्स , स्वाइन फ्लू (2009 ) आदि। 

भारत में कोरोना वायरस का प्रभाव (EFFECT IN INDIA )

  • धीरे-धीरे ही सही लेकिन भारत को भी कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया है। इस समय तक भारत में COVID-19 से संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 68 बताई जा रही है। और एक व्यक्ति की मौत की खबर हैं। भारत सरकार व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सभी जरूरी व एहतियाती कदम उठाए गए हैं। 
  • विदेशी नागरिकों खासकर चीन  , फ्रांस , इटली , स्पेन , ईरान , कोरिया और जर्मनी में जो भी भारतीय नागरिक या विदेशी नागरिक 15 फरवरी तक रहे हो। उन्हें भारत आने पर कम से कम 15 दिन के लिए अलग व मेडिकल टीम की निगरानी पर रखा जाएगा।
  • 13 मार्च के बाद से ही यह नियम लागू हो जायेगा।
  • भारत अपने सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर नजर रखे हुए है।और हर आने जाने वाले व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। 15 अप्रैल 2020 तक सभी पर्यटन वीजा को निरस्त कर दिया गया है ।
  • भारत सरकार ने किसी भी व्यक्ति पर कोरोना वायरस के लक्षण मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना देने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 24×7 चलने वाला कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। जिसका फोन नंबर 011-2397 8046 है। 
  • हरियाणा राज्य ने कोरोनावायरस को महामारी घोषित कर दिया। ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।इस बीमारी के संबंध में यहां के राज्यपाल के द्वारा एक आदेश जारी किया गया है जिसे “हरियाणा महामारी COVID-19 रेगुलराइजेशन 2020” का नाम दिया है। 

कोरोना वायरस के लक्षण (CORONA VIRUS A PANDEMIC )

कोरोना वायरस के कुछ कुछ लक्षण सर्दी जुखाम से मिलते जुलते हैं। कोरोना वायरस लगभग सभी उम्र के लोगों में संक्रमण की शक्ति रखता है हालांकि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खासकर खतरनाक है। 

इसके लक्षणों में तेजी से बुखार आना , सूखी खांसी , नाक बहना , गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। मांस पेशियों में दर्द व शरीर में थकावट सी महसूस होती है। सिर दर्द , बलगम में खून और दस्त जैसी समस्याएं हालांकि कम ही देखने को मिलती हैं।सांस लेने में तकलीफ जैसी परेशानियां होती हैं। इसके अलावा इंसान के शरीर के कई अंग एक साथ काम करना बंद कर देते हैं।

यह वायरस हवा से नहीं , बल्कि सांस लेने व छोड़ने की वजह से फैल रहा है।जिन्हें सर्दी जुखाम हो उनसे दूरी बना कर रखना जरूरी है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमण से फैलता है। इसीलिए इसमें बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है।यह उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है जो अस्थमा , डायबिटीज और हार्ट की बीमारी से परेशान हैं।

कोरोना वायरस से बचाव (HOW TO PREVENT FROM CORONA VIRUS A PANDEMIC )

  • कोरोना वायरस से बचाव का सबसे बेहतर तरीका यह है कि बार-बार साबुन से हाथ धोएं।या अल्कोहल युक्त सैनेटाइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खाँसते या छींकते समय नाक और मुंह में रुमाल या टिशू पेपर रखें।
  • जिन व्यक्तियों को कोल्ड या फ्लू के लक्षण दिखे। उनसे दूरी बना कर रखें।
  • अंडे , मांस का सेवन ना करें।
  • जंगली जानवरों के संपर्क में ना आए।
  • बेवजह घर से बाहर न निकलें। भीड़ भाड़ वाली जगहों से दूर रहें।
  • साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।  
  • किसी को अभिवादन करने के लिए नमस्ते कहें। बजाय हाथ मिलाने , गाल चुमने या गले मिलने के। नमस्ते करते वक्त भी अगले व्यक्ति से एक निश्चित दूरी बना कर रखें। 

खुद को क्वारंटाइन कैसे करें (How to Quarantine yourself)

क्वारंटाइन का मतलब है “कैसे संक्रमित व्यक्ति अथवा रोगी से खुद को अलग रखें। जिससे आप संक्रमित होने से बचे रहें “। क्वारंटाइन का मतलब हैं “स्वयं को पृथक करना या अलग करना”।

कोरोना वायरस ने एक संक्रमित महामारी का रूप लिया है। यानी परिवार के किसी एक व्यक्ति को अगर यह हो जाता है तो परिवार के बाकी व्यक्तियों को भी इसके होने की पूरी पूरी संभावनाएं रहती हैं।

इसीलिए अगर परिवार का कोई एक व्यक्ति संक्रमित हो जाता है तो , बाकी व्यक्तियों को कुछ सावधानियां बरत कर बचाया जा सकता है।

WHO ने इससे संबंधित कुछ गाइडलाइन जारी की है।जिन्हें हम में से प्रत्येक व्यक्ति को अपनाना चाहिए। जो निम्न है। 

  • संक्रमित व्यक्ति को अलग से कमरा दिया जाना आवश्यक है। जिसमें कमरे से ही जुड़ा हुआ टॉयलेट और बाथरूम की सुविधा हो।
  • संक्रमित व्यक्ति को घर के अन्य सदस्यों के कमरों में जाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। 
  • संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सामानों को सामान्य व्यक्तियों द्वारा उपयोग में नहीं लाना चाहिए। 
  •  संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने वाला व्यक्ति अगर थोड़ा प्रशिक्षित हो तो बेहतर है। 
  • संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने वाले व्यक्ति को संक्रमित व्यक्ति से लगभग 1 मीटर की दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • घर में बड़े बूढ़े ,बच्चे , खासकर गर्भवती महिलाएं को संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • संक्रमित व्यक्ति को मास्क पहना कर रखना चाहिए। और उसकी देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी मास्क व हाथों में दस्ताने पहनकर ही संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करनी चाहिए।
  • एक बार प्रयोग में लाया गया मास्क व दस्ताने या अन्य सामान को तुरंत नष्ट कर देना चाहिए। खासकर संक्रमित व्यक्ति द्वारा प्रयोग में लाए गए सभी सामानों को नष्ट कर देना चाहिए।
  • संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाना या उन्हें छूना नहीं चाहिए। क्योंकि यह बीमारी हाथ मिलाने से या उनके करीब आने से फैलती है।
  • संक्रमित व्यक्ति को किसी समारोह या भीड़ भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाना चाहिए। ताकि दूसरे लोगों को संक्रमण ना फैले।
  • सबसे अहम बात अगर कोई व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाता है। तो उसे तुरंत जाकर अपना परीक्षण करवाना चाहिए। ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके।
  • लगभग 14 दिनों की अवधि तक संक्रमित व्यक्ति को अलग कमरे में रखकर उसका निरीक्षण किया जाना चाहिए।

CORONA VIRUS A PANDEMIC

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