India Post Payment Bank :
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक
India Post Payment Bank
डाकिया डाक लाया…डाकिया डाक लाया…खुशियों का पयाम कहीं..डाकिया डाक लाया।
एक कर्णप्रिय पुराना हिंदी गाना जिसको गुनगुनाते हुए अक्सर लोगों के आंखों केे सामने डाकिया और उसके डाक बांटने का सुंदर चित्र उभर आता है।जो अपने जादुई थैले में किसी के लिए खुशियों भरा पैगाम तो किसी के लिए दर्द का संदेशा लेकर आताा है।अब यही डाकिया बाबू अपने इस जादुई थैले में खुशियोंं के पैगाम के साथ-साथ बैंक भी लेकर आयेगा यानी चलता-फिरता बैंक … डाकिया बाबू के थैले में….।
जी हां Paytm और Airtel को सीधे सीधे टक्कर देने आ रहा है एक नया बैंक इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB)। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक जिसमें भारत सरकार की 100% की हिस्सेदारी है।इस बैंक की स्थापना भारत सरकार द्वारा डाक मंत्रालय एवं संचार मंत्रालय के तहत की गई है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (भुगतान बैंक) का लाइसेंस प्राप्त करने वाला यह भारत का तीसरा बैंक है इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Paytm और Airtel को भी इसी तरह के लाइसेंस जारी किए गए थे ।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शुरुवात
1 सितंबर 2018 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस बैंक का उद्घाटन किया। इस बैंक का मकसद गांव-गांव तक तथा गांव के हर व्यक्ति को उसके दरवाजे पर बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराने का है।ऐसी सुविधा जो भरोसेमंद भी हो, किफायती भी हो और जिसकी सुविधाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सके।ताकि कोई भी व्यक्ति बैंकिंग की किसी भी सुविधा से महरूम ना रहे।
डाक विभाग के पास है अपना एक विशाल व भरोसेमंद नेटवर्क
डाक विभाग के पास अपना एक विशाल व भरोसेमंद नेटवर्क है जो पूरे देश में फैला हुआ है।और ग्रामीण इलाकों तथा निचले तबके के लोगों में डाकघर की गहरी पैठ है।और सरकार इसी का लाभ उठाना चाहती हैं। हांलाकि सरकार ने हर व्यक्ति को बैंक से जोड़ने के लिए जनधन योजना के तहत अभियान चलाकर लोगों के खाते खुलवाए थे।
लेकिन फिर भी कई दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीण तथा निचले तबके के लोग पूरी तरह से बैंकों से नहीं जुड़ पाए।कारण कई है पर मुख्य कारण जानकारी का अभाव और कई ग्रामीण इलाकों में बैंकों की कोई शाखा का ना होना।जिससे कई लोग बैंकों से नहीं जुड़ पाते हैं।
लेकिन भारतीय डाक विभाग की पहुंच गांव गांव तक तथा गांव के हर एक व्यक्ति के बीच में एक भरोसेमंद विभाग के रूप में है ।आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोग डाकघर तथा पोस्टमैन पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। इसीलिए सरकार ने यह फैसला लिया है कि गांव गांव तक, दुर्गम से दुर्गम इलाकों में, अंतिम छोर के हर व्यक्ति तक बैंकिंग की सभी सुविधाएं डाक विभाग के द्वारा पहुंचाई जाए।
अब डाक विभाग निभाएगा बैंक की भूमिका
हर व्यक्ति बैंक से जुड़कर बैंकिंग सुविधाओं का लाभ ले सके।पैसा ट्रांसफर, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) , बिल भुगतान , यूटिलिटी पेमेंट आदि जैसी अनेक सुविधाएं देने के मकसद से यह कार्य किया जा रहा है।
डाक विभाग ने 2013 में ही बैंकिंग सेक्टर में उतरने का फैसला कर लिया था और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अगस्त 2015 में डाक विभाग को भुगतान बैंक का व्यवसाय करने का लाइसेंस भी प्रदान किया । सरकार की योजना 2017 में इसे पूरे देश में लागू करने की थी लेकिन किसी कारणवश उस समय डाक विभाग इसे विधिवत नहीं खोल पाया।
लेकिन 30 जनवरी 2017 को इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की दो पायलट शाखाएं (पहली शाखा रायपुर में और दूसरी शाखा रांची में ) खोली गई थी।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खुलेंगे तीन तरह के एकाउंट
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की खासियत यह है कि इसमें तीन तरह के एकाउंट खोले जा सकते हैं।बेसिक सेविंग एकाउंट, रेगुलर सेविंग एकाउंट और डिजिटल सेविंग एकाउंट ।
1 . रेगुलर सेविंग एकाउंट
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंकके इस अकाउंट को 10 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति केवाईसी के साथ आराम से खुलवा सकता है।इस खाते में न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करने की कोई पाबंदी नहीं है।जीरो बैलेंस के साथ भी इस खाते को खुलवाया जा सकता है ।पैसा निकालने और रखने की कोई पाबंदी नहीं है यानी खाताधारक कितनी भी बार पैसे निकाल या जमा करा सकता है।
इस खाते के साथ खाता धारक को कोई भी चेक बुक या डेबिट कार्ड नहीं मिलेगा । इस खाते को खुलवाने के लिए खाता धारक को पोस्ट ऑफिस या एक्सेस पॉइंट पर जाना पड़ेगा। पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के माध्यम से भी घर बैठे-बैठे यह खाता खुलवाया जा सकता है।
2 . बेसिक सेविंग एकाउंट
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खुलने वाला यह खाता भी रेगुलर सेविंग अकाउंट के जैसा ही है।इसमें भी वही सारी सुविधाएं मिलेंगी जो रेगुलर सेविंग अकाउंट में दी जाएंगी। लेकिन इस अकाउंट की खास बात यह है कि इससे महीने में सिर्फ चार बार ही नकदी की निकासी की जा सकेगी। पैसे की निकासी या जमा करने हेतु ग्राहक को पोस्ट ऑफिस या एक्सेस पॉइंट पर जाना पड़ेगा।
ग्राहक इस काम को घर बैठे भी कर सकता है डाक सेवक की मदद से। लेकिन डाक सेवक या पोस्टमैन के जरिए घर में ली गई इस सुविधा के लिए ग्राहक को अतिरिक्त चार्ज रूपया रू 25 /- चुकाना होगा।
3 . डिजिटल सेविंग अकाउंट
इस अकाउंट को खोलने के लिए ग्राहक के पास Android Smartphone का होना आवश्यक है।IPPB के मोबाइल ऐप को Google Play store की मदद से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।ऐप डाउनलोड करने के बाद ग्राहक आसानी से अपना डिजिटल खाता खुलवा सकता है।जिससे डिजिटल सेविंग अकाउंट कहा जाता है।
इस खाते को खुलवाने के लिए ग्राहक ही उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होना चाहिए। ग्राहक अपने आधार कार्ड व पेन कार्ड का इस्तेमाल कर इस खाते को आसानी से खोल सकता है।इस खाते में सालभर में लगभग 2/-लाख रूपये रखने की अनुमति दी गई है।इस खाते की खास बात यह है कि इस खाते से ग्राहक तुरंत फंड ट्रांसफर व बिलों का भुगतान आसानी से कर सकते हैं।
लेकिन इस अकाउंट को ग्राहक को साल भर के अंदर ही रेगुलर सेविंग खाते में बदलना होगा।अन्यथा डिजिटल सेविंग अकाउंट बंद हो जाएगा। यह काम ग्राहक पोस्टमैन की मदद से आसानी से कर सकता हैं ।खाताधारकों को पोस्टमैन को अपना बायोमेट्रिक डाटा उपलब्ध कराना होगा।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) का मोबाइल ऐप
इस ऐप के द्वारा ही इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का डिजिटल सेविंग अकाउंट खोला जाएगा। इस ऐप को Google Play Store से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। एक बार यह ऐप डाउनलोड हो जाने के बाद ग्राहक आराम से घर बैठ कर अपना खाता खोल सकता हैं।इस ऐप के माध्यम से अपने बैंक की पूरी डिटेल हासिल कर सकता है।
इस खाते से घर में बैठकर कोई भी सुबिधा (जैसे पैसा ट्रांसफर , डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) , बिल भुगतान आदि ) लेने का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा । ऑनलाइन के लेनदेन के लिए आईपीपीबी का एप लोगों की मदद करेगा।
आईपीपीबी मोबाइल बैंकिंग नाम से “इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक लिमिटेड” की तरफ से यह ऐप पेश किया गया है जिसकी मदद से घर बैठे-बैठे बैंकिंग की सुविधा आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में ब्याज दर
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के इन तीनों खाातों में 4% का ब्याज मिलेगा।लेकिन इस ब्याज का भुगतान तिमाही होगा।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के ग्राहकों को मिलने वाली सुविधा
- इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते में न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करने की कोई पाबंदी नहीं है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बहुत फायदा होगा।
- डाकिया अपने बैग में डाक के साथ-साथ बैंक की सुविधा भी आपके दरवाजे पर लाएगा।
- पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के माध्यम से भी घर बैठे बैठे ये खाते खुलवाये जा सकते है।
- सारी बैंकिंग सुविधाएं ग्राहक को घर के दरवाजे में मिलेंगी।
- मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा होगी।
- बिलों का भुगतान आसानी से कर सकते हैं।
- IMPS तथा अन्य तरीकों से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं।
- घर बैठे-बैठे बैंकिंग की सुविधा ले सकते हैं। लेकिन हर ट्रांजैक्शन में करीबन 15 से 25 की फीस देनी होगी ।
- इससे देश के अर्थतंत्र में भी परिवर्तन आएगा और मजबूती भी मिलेगी।
- डाकिया स्मार्ट फोन व बायोमेट्रिक मशीन के जरिए यह काम करेगा।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते के नुकसान
जहां एक ओर इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खुलवाने के कई सारे फायदे हैं। वहीं थोड़े नुकसान भी हैं।
- ग्राहक इसमें दो खाते नही खोल सकता है।
- जॉइंट अकाउंट खोलने की सुविधा नहीं है।
- 1 लाख से ज्यादा की राशि जमा नहीं कर सकते।
- ATM या डेबिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है ।
- पैसे निकालने के लिए बैंक ही जाना पड़ेगा।
- क्रेडिट कार्ड या लोन की सुविधा नहीं मिलेगी।
- सेविंग अकाउंट में चेक बुक की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
- चेक बुक की सुविधा सिर्फ करंट अकाउंट में ही मिलेगी।
- डिमांड ड्राफ्ट भी जारी नहीं किए जा सकेंगे।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में मिलेगा QR कार्ड
प्रत्येक खाता धारक को QR कार्ड प्रदान किया जाएंगा।और यही क्यूआर कार्ड ही ग्राहकों के खाते की डिजिटल पहचान होंगे। क्यूआर कार्ड में क्यूआर कोड और बारकोड होगा। खाता धारक को खाता नंबर या पासवर्ड याद करने की कोई जरूरत नही है क्योंकि सारे काम इसी QR कार्ड के जरिए होंगे। यह इस्तेमाल करने में बहुत ही आसान और सुविधाजनक है।
किसी भी तरह के ट्रांजैक्शन में बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा।चाहे वह फिंगरप्रिंट हो या आंख की पुतली।QR कार्ड की मदद से ट्रांजैक्शन, मनी ट्रांसफर,बिल पेमेंट ,कैशलेस शॉपिंग आसानी से की जा सकती है।
सबसे बड़ी बात यह है कि QR कार्ड के चोरी हो जाने या गुम हो जाने पर भी खाता सुरक्षित रहेगा ।क्योंकि हर बार जब भी ट्रांजैक्शन होगा उसमें बायोमेट्रिक तरीके से सत्यापन किया जाएगा।पहली बार में यह कार्ड मुफ्त दिया जाएगा लेकिन अगर कही दोबारा यह कार्ड बनवाना पड़े तो इसके लिए 25 रुपया शुल्क लिया जाएगा ।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सेवायें
बैंक अपनी सर्विस के तहत पैसा ट्रांसफर , डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) , बिल भुगतान , यूटिलिटी पेमेंट आदि जैसी अनेक सुविधाएं देगा। सेविंग अकाउंट , करंट अकाउंट , डिजिटल पेमेंट , थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ,म्यू चल फंड की सुविधा देगा। इसके मोबाइल ऐप के जरिए फोन बिल , डीटीएच , गैस कनेक्शन , बिजली का बिल जैसे बिलों का भुगतान आसानी से किया जाएगा।
इस के अलावा नरेगा वेतन , सब्सिडी , पेंशन बांटने का काम भी इसी के तहत किये जाने की योजना है । तीनों तरह के खाते जीरो बैलेंस के साथ भी खोले जा सकते हैं । पोस्टमैन के जरिए यह अकाउंट आसानी से खुल जाएंगे।इसकी सुविधा की शुरुआत देशभर में 650 शाखाओं तथा 3,250 डाकघरों में सेवा केंद्रों के साथ की गई है।
कुल 650 पेमेंट बैंक शाखा नियंत्रण कार्यालय के रूप में कार्य करेगे। लेकिन इस साल के अंत यानि 31 दिसंबर 2018 तक 1.55 लाख डाकघरों में यह सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है जिसमें से 1.30 लाख ग्रामीण इलाकों में खोले जाएंगे।
सम्भवत: इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक भारत का पहला ऐसा बैंक है जो लोगों के घरों में जाकर (Door Step) उनको बैंक की सुविधा मुहैया कराएगा। जिसमें 40,000 पोस्टमैन तथा 3,00,000 डाक सेवक पीओएस (POS) मशीन के जरिए यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे।सभी पोस्टमैन व डाक सेवकों को स्मार्ट फोन व बायोमेट्रिक मशीन प्रदान किये जायेगे जिसके जरिए वह यह काम आसानी से कर सकेंगे।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक को अपने खातों के साथ 17 करोड़ डाक बचत बैंक ( PSB) खातों को जोड़ने की अनुमति दी गई है तथा फिलहाल IPPB को व्यय के लिए 1,435 करोड रुपए की मंजूरी प्रदान की गई है।
एक लाख से अधिक का बैलेंस होने पर क्या करें
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में अधिकतम एक लाख रूपये रखने की सुविधा है।अगर एक लाख से अधिक का ट्रांजेक्शन होने पर ट्रांजैक्शन खुद-ब-खुद रिजेक्ट हो जाएगा। इस असुविधा से बचने के लिए ग्राहकों को पोस्ट ऑफिस में एक सेविंग अकाउंट खोलना पड़ेगा और उसको अपने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते से लिंक कराना पड़ेगा।
ऐसे में अगर आपके इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में एक लाख से अधिक बैलेंस होने पर अतिरिक्त बैलेंस पोस्ट ऑफिस के अकाउंट में खुद-ब-खुद ट्रांसफर हो जाएगा।जिससे ग्राहक को किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।इसे रेगुलर सेविंग बैंक अकाउंट कहते हैं।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक भविष्य में अन्य वित्तीय सेवा प्रदाताओं के साथ गठबंधन कर तीसरे पक्ष के उत्पादों को भी पेश करेगा।जैसे ऋण के लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ गठबंधन करेगा।तो वही इंश्योरस के लिए बजाज अलायंज ऑफ लाइफ इंश्योरेंस के साथ गठबंधन करने की योजना भी है ।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्देश्य
- इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का मुख्य उद्देश्य बैंकों को भरोसेमंद ,किफायती ,सरल ,सुबिधा युक्त बनाना।ताकि हर व्यक्ति सभी बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सके।
- ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधिक से अधिक बैंकों से जोड़ना व लाभ पहुँचाना।
- सारी बैंकिंग सुविधाएं ग्राहक को घर के दरवाजे में उपलब्ध कराना।
- इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में हर गांव और गांव के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।
- देश के अर्थतंत्र में परिवर्तन करना और मजबूती लाना।
- कामकाजी लोग अपने परिवार को आसानी व भरोसेमंद तरीके से पैसे भेज पाएंगे।
- बिल का भुगतान,निवेश तथा बीमा जैसी सुविधाएं सभी के घर तक पहुँचाना।
- डिजिटल लेनदेन में अगर कोई समस्या हो तो डाकिया उसे तुरंत हल कर सकता है।
India Post Payment Bank customer care number
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के लिए Toll Free No — 155299। इसमें सम्पर्क कर किसी भी समस्या का समाधान पाया जा सकता है।
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