Rooftop Solar Scheme Uttarakhand:रूफटॉप सोलर योजना

Rooftop Solar Scheme Uttarakhand : रूफटॉप सोलर योजना , उत्तराखंड। सोलर प्लांट लगा कर पैसा कमाने का बेहतरीन मौका। 

 Rooftop Solar Scheme Uttarakhand 

रूफटॉप सोलर योजना , उत्तराखंड

Rooftop Solar Scheme Uttarakhand :उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड में रहने वाले लोगों को एक बेहतरीन मौका दे रही है बिजली उत्पादन करने का और उसे बेचकर पैसा कमाने का। 

इस योजना में उत्तराखंड के लोग अपने घरों की छतों में सोलर पैनल लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकते हैं।अपने घरों को रोशन करने के साथ-साथ अतिरिक्त बिजली को बेचकर पैसे भी कमा सकते हैं। इस योजना को “ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर फेज टू योजना” भी कहा जा रहा हैं।

इस योजना का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 22 जनवरी 2020 को देहरादून में किया था। 

रूफटॉप सोलर योजना का उद्देश्य 

रूफटॉप सोलर योजना का मुख्य उद्देश्य सोलर एनर्जी या ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करना हैं । यह योजना केंद्र सरकार के नव पारंपरिक ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही हैं। इस योजना के तहत घर की खाली छतों या फिर ऐसी जगहों पर जहां सोलर प्लांट लगाया जा सकता हैं।

सोलर प्लांट लगाकर सूरज की रोशनी से बिजली पैदा की जा सकती हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए योजना के तहत अच्छी खासी सब्सिडी भी दी जा रही है।इस योजना में सब्सिडी की सुविधा केवल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए ही है।जो निम्न हैं

  1. तीन किलोवाट तक के प्लांट पर 40 फीसदी सब्सिडी
  2. चार से 10 किलोवाट तक सब्सिडी 20 प्रतिशत।
  3. 10 किलोवाट से ऊपर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।

रूफटॉप सोलर योजना का लाभ कामर्शियल उपभोक्ता भी ले सकते हैं। लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।

रूफटॉप सोलर योजना का नियम 

इस योजना में जिन घरेलू उपभोक्ताओं को योजना के तहत प्लांट आवंटित होगा। वो यूपीसीएल द्वारा चयनित वेंडरों में से किसी एक के द्वारा ही प्लांट लगायेगें । उपभोक्ता को सब्सिडी की धनराशि छोड़कर शेष धनराशि का भुगतान वेंडर को सीधे करना होगा। सब्सिडी की धनराशि यूपीसीएल स्वयं वेंडर को जारी करेगा।

रूफटॉप सोलर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता को यूपीसीएल का उपभोक्ता होना जरूरी है।

रूफटॉप सोलर योजना की विशेषता (Special feature of rooftop solar scheme)

आज जहां दुनिया के अधिकतर देश सोलर प्लांट लगाकर ही बिजली का उत्पादन करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वही भारत में भी इस दिशा में कदम बढ़ा लिये है। 

इसीलिए केंद्र सरकार बिजली की खपत को कम करने लिए ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित कर रही है।पूरे देश में वर्ष 2022 तक सोलर के जरिए 40 हजार मेगावाट बिजली (ग्रीन एनर्जी ) उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

रूफटॉप सोलर योजना की खास बात यह हैं कि इन सोलर प्लांटों से पैदा होने वाली बिजली से लोगों के अपने घर आंगन तो रोशन होंगे ही। साथ में जरूरत से ज्यादा बिजली को वो उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को बेच भी सकेंगे।

हालाँकि केंद्रीय मंत्रालय ने फिलहाल प्रदेश सरकार को दो मेगावाट की योजना ही दी है। 31 मार्च 2020 तक दो मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगेंगे।लेकिन अगर दो मेगावाट से अधिक क्षमता के सोलर प्लांट की मांग होने पर केंद्र सरकार योजना का आकार बढ़ा भी सकती है।

सचिव ऊर्जा राधिका झा के अनुसार इसके तहत आवंटित 238 प्रोजेक्ट में से 110 के पीपीए साइन हो चुके हैं। 

सोलर प्लांट नेट मीटरिंग से जुड़ेंगे

इस योजना के तहत लगाए जाने वाले सभी सोलर प्लांट नेट मीटरिंग से जुड़े होंगे। नेट मीटरिंग एक तरह का बिलिंग सिस्टम है जो सोलर प्लांट के पैनलों से पैदा होने वाली बिजली का हिसाब किताब रखता है।

यह सोलर प्लांट से ग्रिड में जाने वाली बिजली के साथ साथ घर में प्रयोग होने वाली बिजली का भी हिसाब-किताब रखता है। इसके लिए सोलर सिस्टम के साथ एक मीटर लगाया जाएगा।

रूफटॉप सोलर योजना से लाभ 

  1. रूफटॉप सोलर योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा फायदेमंद है। इसके माध्यम से वो  सोलर प्लांट लगाकर सूरज की रोशनी से बिजली पैदा कर सकते हैं ।यह योजना आमजन के लिए बेहद खास है।
  2. सोलर प्लांट से पैदा हुई इस बिजली का प्रयोग अपने घर में कर सकते हैं। और अतिरिक्त बिजली को यूपीसीएल को बेचकर अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।
  3. सोलर प्लांट को लगाने पर सरकार की तरफ से अच्छी खासी सब्सिडी मिल रही है। इस तरह आवेदन कर्ताओं को दोहरा लाभ पहुंचेगा। एक तो प्लांट को लगाने में सब्सिडी मिलेगी।दूसरा उपभोक्ता इस बिजली को बेचकर भी पैसा कमा सकता है।
  4. अपने घर में उपयोग की जाने वाली बिजली का बिल भी नहीं भरना पड़ेगा।यानि लोग अपने घरों पर सोलर प्रोजेक्ट लगाकर मुफ्त में बिजली पा सकते हैं। 

मांगे जाएंगे ऑनलाइन आवेदन

Rooftop Solar Scheme project  , 2020 के जनवरी माह से शुरू हो चुके हैं ।सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक व्यक्तियों को यूपीसीएल की वेबसाइट में जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।यूपीसीएल की वेबसाइट पर ही ऑनलाइन फार्म भर कर साथ में ही आवश्यक दस्तावेजों को भी अपलोड करना होंगा।योजना का आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा। 

आवेदन के बाद सभी आवेदन कर्ताओं को संबंधित विद्युत खंड का एसडीओ तकनीकी स्वीकृति देंगे और अधिशासी अभियंता अपनी रिपोर्ट देंगे ।एक से 10 किलोवाट की रूफ टॉप सोलर प्लांट के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं।

सोलर प्लांट की लागत  

रूफटॉप सोलर योजना के तहत एक से 10 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं। एक किलोवाट के सोलर प्लांट को लगाने के लिए कम से कम 10 स्क्वायर मीटर जगह की जरूरत होगी। और इसे लगाने पर लगभग पचास हजार रुपये का खर्च आएगा।

10 किलोवाट के सोलर प्लांट को लगाने में लगभग पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। 10 किलोवाट से एक महीने में 4800 रुपये की बिजली बनेगी।घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है।बिजली उत्पादन करने वाले लोगों को प्रति यूनिट 4.48 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। इसमें से बिजली बिल को घटाकर शेष राशि खाते में आएगी। 

आधिकारिक वेब साइट 

http://ureda.uk.gov.in/

PDF खोलने के लिए 

https://www.upcl.org/wss/downloads/Commercial_pdf/solar-rooftop-2174.pdf

अधिक जानकारी के लिए बात करें 

Toll Free Number  – 1912  

Rooftop Solar Scheme Uttarakhand : रूफटॉप सोलर योजना , उत्तराखंड 

You are most welcome to share your comments . If you like this post . Then please share it . Thanks for visiting.

यह भी पढ़ें……

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्य आंदोलन की पूरी जानकारी

क्या है चिपको आंदोलन 

दीनदयाल उपाध्याय स्टे होम योजना उत्तराखंड

13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना क्या है ?

किसान पेंशन योजना उत्तराखंड ?

हिंदी निबंध ” सांच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप” पढ़िए 

हिंदी निबंध “महिला शिक्षा women Education ” पर पढ़िए 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *